
mp police SI and constable dispute on road
नीमच. जून में प्रस्तावित किसान आंदोलन में पिछले वर्ष जैसी स्थिति न बने इसके लिए पूरा सरकारी तंत्र जुट गया है। खासतौर से पुलिस ने तो अभी से संदिग्धों की धरपकड़ शुरू कर दी है। अब तक 200 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है जबकि लगातार थानों पर सूचियों में नाम बढ़ रहे हैं।
पिछले वर्ष किसान आंदोलन के दौरान असामाजिक तत्वों ने भी जमकर उत्पात मचाया था। किसानों की आड़ में कई लोगों ने अपना उल्लू सीधा किया। जबकि मूल किसान केवल विरोध, धरना, प्रदर्शन तक सीमित थे। इस बार ऐसी कोई चूक प्रशासन और पुलिस नहीं करना चाहते। संभावित खतरे से निपटने के लिए संदिग्धों को सूचीबद्ध करने का काम पिछले 20 दिनों से चल रहा है। इन दिनों में 200 लोगों को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर नोटिस थमा दिए गए हैं। जिले में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह द्वारा धारा 144 लागू कर बिना अनुमति रैली, प्रदर्शन, धरना आदि पर रोक लगाई है। सोश्यल मीडिया पर आपत्तिजनक या भड़काऊ टिप्पणियों, संदेशों का आदान प्रदान करना भी प्रतिबंधित है। प्रतिबंधात्मक आदेश के परिपालन में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
सभी थानों से रोज लिया जा रहा अपडेट-
विगत सात दिनों में अलग-अलग बैठकों में एसपी तुषारकांत विद्यार्थी द्वारा पुलिस अधिकारियों के समन्वय से 1 से 10 जून तक प्रस्तावित किसान आंदोलन में संभावित स्थितियों पर विस्तृत समीक्षा कर कार्ययोजना तैयार की है। पहले चरण में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को मूर्तरूप दिया जा रहा है। नीमच पुलिस उपखंड में 60, जावद में 55 और मनासा में लगभग 65 लोगों को सूचीबद्ध किया जा चुका है। इसके अलावा पूर्व से विभिन्न उपद्रव, तनाव फैलाने, विवाद करने जैसी घटनाओं में शामिल रहे लोगों को पुख्ता कार्रवाई के लिए सूची में डाला गया है। इन सबके अलावा थानावार अलग सूचियां तैयार की जा रही हैं। बुधवार को भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत करीब 27 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सबके अलावा पुलिस ने सूचना संकलन भी मजबूत किया है। अलग-अलग बिंदुओं का अपडेट रोजाना लिया जा रहा है। कमजोरी या बेहतर स्थिति की मॉनिटरिंग कर रिपोर्ट मुख्यालय भी भेजी जा रही है।
आम लोगों को मिले सुविधाएं और किसान भी न हों परेशान-
मंगलवार रात एसपी तुषारकांत विद्यार्थी ने जिले के पुलिस अधिकारियों की मैराथन बैठक ली। करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में निर्देश दिए गए कि किसानों की समस्याओं को जानने के लिए संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी मंडियों, समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर और गावों में आते-जाते रहें। जहां भी किसानों से संबंधित कोई समस्या सामने आए तो तुरंत संबंधित विभाग को अवगत कराएं यथा संभव मौके पर समस्या का निराकरण करने का प्रयास करें। हमारी कार्यशैली ऐसी हो कि किसी भी परिस्थिति में न आम नागरिकों को परेशानी हो न ही किसानों को। फल, सब्जी, दूध या फसल बेचने आने वालों को यदि कोई रोकता है तो सख्त कार्रवाई करें। सोश्यल मीडिया पर निगरानी रखें जहां भी आपत्तिजनक संदेश की जानकारी मिले तो संबंधित पर तत्काल कार्रवाई करें। धार्मिक स्थानों की गश्त बढ़ाएं और सतत चैकिंग करें।
Published on:
23 May 2018 10:32 pm
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