
Here flares flew to the order of the Railway Board, read news
नीमच. बहुप्रतिक्षित नीमच-सिंगोली-कोटा नई रेल लाईन बिछाने के लिए पमरे जबलपुर द्वारा अगस्त 2017 में शुरू करवाया गया प्रारंभिक सर्वे कार्य पूर्ण हो गया है। तथा निर्माण विभाग द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रेल्वे बोर्ड दिल्ली की ओर प्रेषित करदी है। रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जायेगी। पश्चिम मध्य रेल्वे (जबलपुर) के उप मुख्य इंजीनियर द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार नीमच-सिंगोली-कोटा नई रेल लाईन बिछाने के लिए शुरू किया गया प्रारंभिक सर्वे का कार्य पूर्ण हो गया है। इससे पूर्व इसके एलाईंमेन्ट का अनुमोदन हो चुका था। सर्वे के आधार पर तैयार की गयी रिपोर्ट रेल्वे बोर्ड को भेज दी गयी है। बोर्ड के निर्देशानुसार अब आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी। बोर्ड की ओर से निर्देश मिलते ही डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जायेगी।
बतादे की क्षेत्र वासियो की लगातार मांग के बाद फरवरी 2014 में मंदसौर संसदीय क्षेत्र की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन की पहल पर रेलमंत्री मल्लिकार्जुन खडग़े ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। प्रारम्भ में लाईन का सर्वे कार्य उत्तर. पश्चिम रेलवे मुंबई जोन को सौंपा गया था। लेकिन इसका अधिकांश भाग पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर के क्षेत्राधिकार में होने से उसने नीमच.सिंगोल? कोटा ?? रेल लाईन के लिए सर्वे कार्य करने से इंकार कर दिया। बाद में रेलवे बोर्ड ने उसके पत्र क्रमांक बी 9/1 दिनांक 21.7.2014 के आधार पर आदेश निरस्त कर दिया। जैसे ही इस लाईन के लिए प्रयासरत क्षेत्र के लोगों को यह जानकारी मिली उन्होंने तुरंत रेलवे बोर्ड सहित सबंधित मंत्री और अधिकारियों से संपर्क साधा और इस महत्ति रेल लाईन के निर्माण के लिए दबाव बनाया। दिसंबर 2016 में राज्य सभा सदस्य सत्यनारायण जटिया के नेतृत्व में सिंगोली से पूर्व विधायक दुलीचंद जैन एवं युवा भाजपा नेता प्रदीप जैन एक प्रतिनिधि मंडल के रूप में तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु से मिले तो रेलमंत्री ने बोर्ड को निर्देश देकर मामले में उचित कार्यवाही करने को कहा। ठीक उसी समय मामले को लेकर एक दल कोटा में जीएम गिरीश पिल्लई से मिला। जनवरी 2017 में बोर्ड ने प्रस्ताव पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर जोन को स्थानांतरित करते हुए निर्देशित कर रेल लाईन के लिए सर्वे करवाने को कहा। बोर्ड द्वारा मार्ग के एलाइनमेंट का अनुमोदन होने के बाद अगस्त 2017 में पमरे ने इस रेल लाईन के लिए प्रारंभिक इंजिनियरिग एवं यातायात सर्वेक्षण कार्य प्रारम्भ करवाया जो फरवरी 2018 तक चला। इस कार्य को मुख्य रेलपथ इंजीनियर आरके मीणा ने सम्पादित किया।
मार्च 2018 में निर्माण विभाग द्वारा सर्वे संबंधी रिपोर्ट तैयार करने का कार्य शुरू किया जो मई माह के दूसरे सप्ताह में पूर्ण कर रेलवे बोर्ड को भेज दिया।
अब बोर्ड जो भी निर्देश देगा उसके अनुसार आगे की कार्यवाही शुरू की जायेगी। यदि बोर्ड अनुमति देता है तो अब परियोजना का विस्तृत ब्यौरा तैयार किया जाएगा। यह बताना भी जरूरी होगा कि वर्तमान में इस परियोजना को गति देने में कोटा सांसद श्री ओम प्रकाश बिड़ला एवं चित्तोडगढ सांसद सीपी जोशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
नीमच-सिंगोली-कोटा रेल लाईन का सर्वे कार्य पूर्ण हो गया है। रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजदी गयी है। अब आगे की कार्यवाही बोर्ड के निर्देशानुसार होगी।
-सीपी यादव, उप मुख्य इंजीनियर, निर्माण मुख्यालय पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर
Published on:
05 Jun 2018 10:20 pm
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