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जैविक उत्पादों के लिए अब लोगों में बढ़ा क्रेज, यहां डॉक्टर्स भी दे रहे जैविक खेती की सलाह

अब लोगों को आर्गेनिक सब्जी, फल और औषधीय फसलों को लगाने के लिए खुद डॉक्टर्स भी सलाह दे रहे हैं। यही कारण है कि नीमच जिले में करीब 600 किसान लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती कर विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन कर रहे हैं।

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नीमच। कोरोना काल में इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए लोगों ने क्या-क्या नहीं किया। लोग हर्बल, आयुर्वेदिक चीजों की ओर बढ़ चले। अब नीमच किसानों ने आर्गेनिक की ओर रूख किया है। यही नहीं अब लोगों को आर्गेनिक सब्जी, फल और औषधीय फसलों को लगाने के लिए खुद डॉक्टर्स भी सलाह दे रहे हैं। यही कारण है कि नीमच जिले में करीब 600 किसान लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती कर विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन कर रहे हैं।

आपको बता दें कि ऑर्गेनिक फूड केमिकल-फ्री होते हैं। इन फल और सब्जियों की उपज के दौरान उनका आकार बढ़ाने या वक्त से पहले पकाने के लिए किसी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इस तरह की खेती को जैविक खेती भी कहा जाता है। ऑर्गेनिक फूड आइटम्स सर्टिफाइड होते हैं। इन पर सर्टिफाइड स्टिकर्स लगे होते हैं या छपे होते हैं। इनका स्वाद भी नॉर्मल फूड से थोड़ा अलग होता है। ऑर्गेनिक मसालों की गंध नॉर्मल मसालों की तुलना में तेज होती है। इसी तरह ऑर्गैनिक सब्जियां गलने में ज्यादा समय नहीं लेतीं।

बाजार में बढ़ रही शुगर फ्री गेंहू की
नीमच जिले के कुकड़ेश्वर के किसान हरिशंकर राठौर ने बताया कि कोराना संक्रमण महामारी के बाद ऑर्गेनिक अनाज और फलो की मांग है। अब तो गेहंू भी शुगर फ्री बोया जाने लगा है। खासकर बंशी, सोनामोती और 1544 किस्म के गेंहू का उत्पादन किया जा रहा है। जिसकी बाजार में भी अच्छी मांग है। औषधि में चीया की खेती करते हैं। इससे कोलेस्ट्रोल कम होता है। यह बाजार में 35 से 40 हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिकती है। दो बीघा की खेती में करीब 3 क्विंटल चीया प्राप्त हो जाती है। वहीं नलखेड़ा गांव के किसान बताते हैं कि इस बार उन्होंने जैविक खेती में खासकर गेंहू, लहसुन, धनिया मैथी, चना, मसूर और रबी की फसल में लहसुन और धनिया बोया है।

सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है ऑर्गेनिक फूड
पारंपरिक फूड के मुकाबले ऑर्गेनिक फूड आइटम्स में 10 से 50 फीसदी तक अधिक पौष्टिक तत्व होते हैं। इसमें विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन भी ज्यादा होते हैं। इनमें मौजूद न्यूट्रिशंस दिल की बीमारी, माइग्रेन, ब्लड प्रेशर, डायबीटीज और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाते हैं।

एंटिऑक्सीडेंट्स बढ़ाते हैं इम्युनिटी
ऑर्गैनिक फाम्र्स में उत्पादित किए जाने वाले फलों और सब्जियों में ज्यादा एंटि-ऑक्सिडेंट्स होते हैं। दरअसल इनमें पेस्टिसाइड्स नहीं होते, इसलिए ऐसे पोषक तत्व बरकरार रहते हैं जो आपकी सेहत के लिए अच्छे हैं और आपकी इम्युनिटी बूस्ट कर आपको बीमारियों से बचाते हैं। आजकल लोगों में एंटीबायोटिक को लेकर प्रतिरोध बढ़ रहा है। इसकी वजह है कि जरूरत न पडऩे पर भी एंटीबायोटिक लेने के अलावा उन चीजों का सेवन भी है, जो हम खाते हैं क्योंकि उन्हें खराब होने से बचाने के लिए एंटी-बायोटिक दिए जाते हैं। जब हम ऐसी चीजों को खाते हैं तो हमारा इम्यून सिस्टम कमजोर होता जाता है। लेकिन ऑर्गेनिक फूड्स की वजह से इस नुकसान से हम बच जाते हैं।

अब लोगों में बढ़ रहा है क्रेज
अब इंसान जैविक खेती की ओर बढ़ रहा है, जैविक कीटनाशक आदि यूज कर रहा है, इससे कहीं न कहीं इंसान का बीमारियों से बचाव होगा। रासायनिक कीटनाशक इतने नुकसान दायक होते हैं कि वह इंसान को बीमारी की ओर ले जाते हैं।

- डॉ. निलेश पाटीदार, सीनियर फिजिशियन

रासायनिक खाद से उगाई फल व सब्जियां रोग प्रतिरोधी क्षमता घटा सकती हैं। ऐसे में लोगों का विश्वास ऑर्गेनिक चीजों के प्रति बढ़ा है। इस महामारी ने मजबूरी में ही सही लोगों को जड़ों से जोड़ दिया है। लोग फिर से जैविक खेती से उपजे अनाज को खाने में रुचि दिखाने लगे हैं। नीमच में करीब एक हजार हेक्टेयर में जैविक खेती से विभिन्न प्रकार की उपज हो रही है।

- यतीन्द्र मेहता, कृषि परिययोजना अधिकारी आत्मा नीमच।