
बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे पुलिस चौकी
नीमच. खाकी को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां रतनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जाट में एक लाइन अटैच पुलिस आरक्षक की गुंडागर्दी के बाद बीती रात भारी बवाल मच गया। प्रेम-प्रसंग की खुन्नस में आरक्षक ने भरे मैदान में एक युवक को धमकाया। इससे भडक़े सैकड़ों ग्रामीणों ने आधी रात को जाट पुलिस चौकी का घेराव कर दिया। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस साफ देखी जा सकती है।
क्रिकेट मैच के दौरान खुलेआम दी धमकी
ग्राम जाट में इन दिनों एक क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन चल रहा है। बीती शाम पूर्व में जाट चौकी में पदस्थ और वर्तमान में लाइन अटैच आरक्षक जसवंत मेडा अचानक वहां पहुंचा और एक स्थानीय युवक को सरेआम धमकाने लगा। एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी द्वारा इस तरह की गुंडागर्दी देखकर वहां मौजूद ग्रामीण भडक़ उठे। गुस्सा ग्रामीणों ने आरक्षक को पकड़ लिया और उसे लेकर सीधे पुलिस चौकी पहुंच गए, जहां भारी हंगामा शुरू हो गया। ग्रामीणों की चर्चा के अनुसार इस पूरे विवाद की मुख्य वजह प्रेम-प्रसंग है। बताया जा रहा है कि आरोपी आरक्षक जसवंत मेडा का जाट चौकी के पीछे रहने वाली एक युवती से कथित तौर पर संपर्क था। इसी मामले से जुड़े किसी विवाद के चलते उसने अपना आपा खो दिया और युवक को धमकाने पहुंच गया।
रतनगढ़ से भेजा गया अतिरिक्त पुलिस बल
घटनाक्रम के जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें रात के समय जाट पुलिस चौकी के बाहर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जमा दिखाई दे रहे हैं। पुलिस से ग्रामीणों की तीखी बहस हो रही है। ग्रामीण स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि उनके साथ गलत हुआ है। न्याय के लिए वे पुलिस के पास ही आएंगे। जाट चौकी पर हालात बेकाबू होते देख रतनगढ़ थाने से तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। पुलिस अधिकारियों की लंबी समझाइश और जद्दोजहद के बाद भीड़ शांत हुई। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों के भारी आक्रोश और दबाव को देखते हुए आरक्षक जसवंत मेडा को अपनी गलती का अहसास हुआ। उसने भीड़ के सामने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। इसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए पुलिस टीम आरक्षक को अपने साथ रतनगढ़ ले आई।
ग्रामीणों ने कहा एसपी को सौंपेंगे साक्ष्य
थाना प्रभारी रतनगढ़ बीएल भाभर ने बताया कि भले ही रात में मौके पर मामला शांत करवा दिया गया हो और टीआई ने स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही हो, लेकिन पीडि़त युवक के परिजन और ग्रामीण पुलिस की इस कार्यप्रणाली से बेहद आहत हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि रक्षक ही अगर भक्षक बन जाए तो यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से इस घटना के संबंध में शिकायत करेंगे। पूरे घटनाक्रम व वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आरोपी आरक्षक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग करेंगे। रतनगढ़ थाना प्रभारी बीएल भाभर ने बताया कि एक ग्रामीण और पुलिसकर्मी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को शांत करवा दिया है।
Published on:
10 Jun 2026 12:02 pm
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