नीमच. आम आदमी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर नीमच में भी मोदी हटाओ देश बचाओ के पोस्टर लगाए गए। विजय टॉकीज चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया गया। रात में शहर में पीएम विरोध पोस्टर लगाए गए थे। वहीं सुबह प्रशासन ने उन्हें पुतवा दिया।
आम आदमी पार्टी नीमच द्वारा गुरुवार शाम 4 बजे से विजय टॉकीज चौराहे पर मोदी हटाओ देश बचाओ के पोस्टर हाथों में लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। आम आदमी पार्टी के नवीनकुमार अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली में मोदी के कार्यकाल से जनता त्रस्त है। महंगाई, बेरोजगारी, अडानी-अम्बानी को सरंक्षण, महिला सुरक्षा, काले धन को लेकर मोदीजी के 8 साल के कार्यकाल की विफलता को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मोदी हटाओ देश बचाओ के पोस्टर देशभर में लगाना प्रारंभ किए हैं। दिल्ली में भी पोस्टर लगाए गए थे। दिल्ली पुलिस ने केंद्र सरकार के इशारों पर काम करते हुए आम आदमी पार्टी के करीब 138 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल में डाल दिया। इसी घटनाक्रम के विरोध में पूरे देश में मोदी हटाओ देश बचाओ के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन करने के लिए करीब 11 भाषाओं में मोदी हटाओ देश बचाओ के पोस्टर छापे गए हैं। जिन्हें विभिन्न देश और राज्यों में चस्पा किए जा रहे हैं। जिस प्रकार दिल्ली और पंजाब में विकास हो रहा है। उसी प्रकार की सरकार हमें चाहिए, इसीलिए हम हमारा विरोध दर्ज करा रहे हैं। हमने नीमच में भी मोदी हटाओ देश बचाओ के पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों पर प्रशासन द्वारा कलर पोत दिया गया है। हम इस घटना का भी पुरजोर विरोध करते हैं।
रात में लगाए पोस्टर सुबह उनपर पुता मिला रंग
आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने बुधवार रात नीमच में जगह जगह मोदी हटाओ देश बचाओ के पोस्टर चिपकाए थे। रात में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पोस्टर लगाए थे। पोस्टर लगाने की जानकारी जैसे ही प्रशासन को मिली ताबड़तोड़ पोस्टर हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जिन स्थानों से पोस्टर नहीं हटे उन पर हरा रंग पोतकर मोदी हटाओ देश बचाओ के स्लोगन को दबा दिया गया। गुरुवार को चौराहों, गली-मोहल्लों में इसकी बानगी देखने को मिली। आप के जिलाध्यक्ष अशोक सागर ने कहा कि प्रशासन को संविधान के अनुरूप सभी दलों के साथ एक समान व्यवहार करना चाहिए। हमारे कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए पोस्टरों को इस प्रकार से रंगना कहीं न कहीं हमारे साथ अन्याय को प्रदर्शित करता है। हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।