सरपंच, रजिस्ट्रार और ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ क्यूं हुई एफआइआर दर्ज पढ़ें....
नीमच/खोर। जावद तहसील की ग्राम पंचायत खोर में हुए भूमि घोटाले के मामले में एसडीएम दीपक चौहान के आदेश पर जावद थाने पर 21 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
थाना प्रभारी ओपी मिश्रा ने बताया कि एसडीएम जावद दीपक चौहान की जांच के बाद उनके द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जिन लोगो के खिलाफ उनके नाम ग्राम पंचायत खोर के निलम्बित सचिव प्रेमचन्द पिता बाबूलाल माली निवासी अठाना, ग्राम पंचायत खोर की सरपंच लीलाबाई सुतार पति गोटूलाल सुतार निवासी खोर, रजिस्ट्रार राजेश सुहील, संजय सोनी पिता धर्मेन्द्र सोनी निवासी जावद, पूजा पति संजय सोनी निवासी जावद, रवि पिता माँगीलाल माली राठौड़ निवसी खेड़ा, राजु पिता लक्ष्मी चन्द माली निवासी खेड़ा राठौड़, विष्णु पिता रामचन्द्र चौधरी निवासी खोर, शकुंतला पति विष्णु चौधरी निवासी खोर, विकास बैरागी पिता प्रह्लाद दास बैरागी निवासी दामोदपुरा, दामोदरपुरा के सरपंच धर्मेन्द्र बैरागी पिता प्रह्लाद दास बैरागी, घीसानाथ पिता बद्रीनाथ योगी निवासी खेड़ा राठौड़, मनोज कुमार तिवारी पिता भेरूलाल तिवारी निवासी खोर, ओम प्रकाश पिता नानुराम खटीक निवासी खोर, गोपाल पिता नानुराम खटीक निवासी खोर, जीवन लाल मेघवाल पिता जानकीलाल मेघवाल दामोदरपुरा, खोर के उपसरपंच संतोष बाई पति जगदीश धनगर, गणपतलाल पिता शम्भू लाल मेघवाल निवासी खोर, नितेश लौहार पिता लक्ष्यमण लौहार खोर, प्रह्लाद मेघवाल पिता भेरूलाल मेघवाल निवासी खोर, मोहनी बाई पति गणपतलाल मेघवाल निवासी खोर के विरुद्ध भादवि की धारा 420, 465, 466, 467, 468, 471, 472, 181, 34, 120 बी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। वहीं प्रकरण की जाँच थाना जावद के उपनिरीक्षक आरपी मिश्रा को सौपी गई है।
यह है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत खोर में पिछले करीब एक माह से गाँव के मुख्य चौराहे पर सामुदायिक भवन के सामने पड़ी शासकीय भूमि पर पंचायत सचिव एवम सरपंच ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अपने करीबियों को नाम मात्र के खर्चे पर फर्जी तरीके से पट्टे जारी कर दिए थे। उन लोगो ने भी बिना देरी किए तुरंत जावद रजिस्ट्रार ओफि़स जाकर अपने रिश्तेदारो के नाम रजिस्ट्री भी करवा दी थी। जब मामले की जानकारी ग्रामीणों को लगी तो लोगो ने जावद सीईओ से लेकर जिला सीईओ, जिला कलेक्टर सहित मुख्यमंत्री तक को मामले की शिकायत दर्ज करा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने जावद एसडीएम दीपक चौहान को जाँच अधिकारी नियुक्त कर अतिशीघ्र निष्पक्ष जाँच करने के आदेश जारी किए। पश्चात् जावद एस डी एम द्वारा उक्त मामले को प्राथमिकता देते हुए तुरंत जाँच की एवम् कई बार स्वयं मौका स्थति पर आए तथा मामले से जुड़े हुए लोगो के बयान लिए। साथ ही ग्राम सभा में उपस्थित लोगो के भी बयान दर्ज किए तथा जाँच कर रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौपी। जिला कलेक्टर के आदेशनुसार 21 लोगो के खिलाफ थाना जावद में प्रकरण दर्ज करवाया गया है।
पूर्ण दस्तावेज नहीं मिले
जावद एसडीएम दीपक चौहान की जांच के बाद उनकी शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी में प्रकरण दर्ज किया गया है। नयागांव के खोर गांव में मुख्य चौराहे पर १५ फीट चौड़ी और १०८ फीट लंबी सरकारी जमीन का पंचायत सरपंच और मंत्री ने ठहराव प्रस्ताव पारित कर रामलाल का कब्जा घोषित कर दिया था। जिसके आधार फर्जी दस्तावेज पर रजिस्ट्री जारी करा ली। कुल नो लोगों ने मिलकर नो लोगों को यह जमीन बेच दी। जिसकी जांच एसडीएम ने की है। अभी उनसे जांच के लिए मूल दस्तावेज भी प्राप्त करने है। जो कि अभी तक प्राप्त नहीं हुए है। इसमें सभी की भूमिका की जांच होगी। किस आधार पर किसने कितने-कितने रुपए लिए और क्या धोखाधड़ी में क्या भूमिका रही।
- आरपी मिश्रा, जांच प्रभारी एसआई जावद थाना