
धर्म परिवर्तन को लेकर नियम हुए सख्त,धोखा करने वालों को 10 वर्ष की सजा
नीमच। प्रदेश में छल-कपट, भय-प्रलोभन और धोखे में रखकर धर्म परिवर्तन कराने वालों पर सरकार ने शिकंजा कसा है। इसके लिए लागू धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत धार्मिक स्वतंत्रता नियम लागू कर दिए गए हैं। अब धर्म परिवर्तन करने और कराने वालों को 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचना देनी होगी। साथ ही यह भी बताना होगा कि धर्म परिवर्तन कब और कहां किया जाएगा।
धर्म परिवर्तन करने वाला व्यक्ति यदि अवयस्क है तो उसके पालक के नाम का भी घोषणा पत्र में उल्लेख करना होगा। नियम जारी करने के साथ सरकार ने घोषणा पत्र का प्रारूप भी जारी कर दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सजा का प्रावधान भी किया गया है।
घोषणा पत्र पर देनी होगी जानकारी
नियमों को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। इनके प्रकाशन के साथ यह नियम लागू हो गए हैं। इसके तहत जबरिया धर्म परिवर्तन कराने वालों को 10 वर्ष तक की जेल और एक लाख रुपए तक के जुर्माने की सजा दिए जाने का प्रावधान है। अधिनियम की धारा-10 में पूर्ण स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के लिए आवेदन किए जाने का प्रावधान है। नियम में स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को भी सूचना देनी होगी।
सख्ती के चलते मामलों में कमी
राज्य में वर्ष 2021 में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू होने के बाद से ऐसे मामलों में कमी आई है। जब यह कानून लागू हुआ था उस वर्ष 2021 में पूरे प्रदेश में 65 केस दर्ज हुए थे। नए नियम से मामले और कम होंगे।
हर माह देनी होगी सरकार को रिपोर्ट
- जिला मजिस्ट्रेट राज्य सरकार को हर माह रिपोर्ट देंगे कि कितने लोगों ने धर्म परिवर्तन के लिए आवेदन किया और कितनों का धर्म परिवर्तन हुआ। यह सूचना हर माह की 10 तारीख तक देना अनिवार्य होगी।
- धर्म परिवर्तन करने निर्धारित प्रारूप के घोषणा पत्र में जिला मजिस्ट्रेट को बताना होगा कि वे बिना किसी बल, प्रलोभन और भय के धर्म परिवर्तन कर रहे हैं।
- धर्म परिवर्तन करने वाले का पता, आयु, उसके माता-पिता का नाम भी घोषणा पत्र में देना होगा।
- धर्म परिवर्तन कराने वाले धर्माचार्य की योग्यता, अनुभव, उसके पिता आदि का नाम भी घोषणा पत्र में देना अनिवार्य है।
केस: १- 27 मार्च 2022 को नीमच में पहले युवती को झांसे में लेकर शादी रचाई। फिर उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया। जिस पर युवती की शिकायत पर पुलिस ने युवक और उसके परिजनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि युवक को आज न्यायालय में पेश किया जाएगा
शहर के महू रोड स्थित उदयविहार कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि पूर्व में उसकी शादी झांसी में हुई थी, लेकिन पति से अनबन होने के कारण वह अपनी मां के पास नीमच आ गई थी। मां की मृत्यु के बाद वह रोजगार की तलाश कर रही थी इसी दौरान उसकी शहर के ढपाली मोहल्ला निवासी युवक फरदीन पिता नासिर अली से संपर्क हुआ। इसके बाद दोनों के बीच मेलजोल बढ़ा और दोनों ने शादी कर ली, लेकिन दोनों अल्पसंख्यक समुदाय के होने के बाद अलग-अलग धर्म को मानने वाले थे पर दोनों ने साथ रहने का वादा किया और निम्बाहेड़ा जाकर पति-पत्नी की तरह रहने लगे। यह खबर फरदीन के परिवार को लगी तो फरदीन की मां नाजनीन ने दोनों को नीमच बुलाया और दोनों का निकाह करा दिया। निकाह के दौरान स्पष्ट किया था कि वह शादी जरूर कर रही है, लेकिन अपना धर्म नहीं बदलेगी। मगर शादी के बाद फरदीन और उसके परिवार के सदस्य धर्म परिवर्तन के दबाव बनाने लगे, युवती ने जब इनकार किया तो उसके साथ मारपीट की गई उसके विचार परिवर्तन का प्रयास किया गया। युवती के इंकार पर प्रताडऩा बढऩे लगी। जिसपर युवती ने महिला पुलिस थाने पर शिकायत की है।
केस: २- 23 अगस्त 2022 को नीमच शहर में मुस्लिम युवक ने खुद को तलाकशुदा बताकर हिंदू युवती से निकाह किया, बाद में धर्म परिवर्तन करने का दबाव डालने लगा। निकाह के दो महीने बाद युवती को युवक के शादीशुदा होने का पता चला, जब उसने इस बारे में पूछा तो आरोपी ने मारपीट शुरू कर दी। 3 बार गर्भपात तक कराया। युवक की प्रताडऩा से तंग आकर पीडि़ता ने विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों से मदद मांगी। इसके बाद एसपी से मुलाकात कर पूरी कहानी बयां की। महिला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। शहर के कैंट क्षेत्र में रहने वाली 24 साल की पीडि़ता ने बताया कि मैं ब्यूटी पार्लर का काम करती हूं। 2018 में मेरी मुलाकात अशरफ (34) पिता इस्माइल खान निवासी बालाजी रोड बघाना से हुई थी। उसने खुद को तलाकशुदा बताया था। 20 जून 2021 को वो मुझे महावीर नगर स्थित एक घर पर ले गया। जहां उसने मुझसे कुछ कागज पर साइन करवाए। इसके बाद बोला- अपना निकाह हो गया। दो महीने बाद मुझे पता चला कि अशरफ की पत्नी उसी के साथ रह रही है। उसका तलाक नहीं हुआ था। गुमराह करके मुझसे कागज पर साइन करवाए थे। इसके बाद तो अशरफ मेरा धर्म बदलवाने के लिए दबाव डालने लगा। कहता था- धर्म तो बदलना ही पड़ेगा। नशे में आकर मारपीट करता था। 2-3 बार गर्भपात भी करवाया। धर्म नहीं बदलने पर उसने मुझे छोड़ दिया है।
नियमों में की सख्ती
प्रदेश सरकार ने धर्म परिवर्तन को लेकर नियमों में सख्ती की है। जिससे कोई जबरन या प्रलोभन देकर किसी के धर्म को परिवर्तन नहीं कर सकें। अधिनियम की धारा-10 में पूर्ण स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के लिए आवेदन किए जाने का प्रावधान है। नियम में स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को भी सूचना देनी होगी।
- एडवाकेट विनोद शर्मा, अध्यक्षक अभिभाषक संघ नीमच।
Published on:
25 Dec 2022 11:23 am
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