नीमच. जब नियम विरुद्ध कार्य कर जनता के टैक्स से जमा हुए हजारों रुपए पानी में बहा दिए गए। हादसे में लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अपने हाथ-पैर तुड़वा बैठे तब नगरपालिका के जिम्मेदारों की कुंभकर्णी नींद टूटी। लोगों की सहानुभूति लेने उनके बीच पहुंचे। नियम विरुद्ध बनाए गए स्पीड बे्रकर्स को हटाने की कार्रवाई की गई। जब नियमों की धज्जियां उड़ाकर इनका निर्माण हो रहा था जब चादर ओढ़कर जिम्मेदार सो रहे थे।
जब हादसा हो गया इसके बाद जागे जिम्मेदार
नगर पालिका क्षेत्र में बीते दिनों कर्मचारियों द्वारा नियम विरुद्ध, अमानक व बेतुके तरीके से बनाए गए स्पीड ब्रेकर के कारण दुर्घटनाएं बढऩे लगी थी। कुछ लोग दो पहिया वाहन से गिरे और अपने हाथ-पैर तक तुड़वा बैठे। जिस प्रकार से स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं उनका निर्माण ही हादसों को आमंत्रण देने के लिए किया प्रतीत हो रहा था। न उनके निर्माण का कोई मानक ही तय किया गया था न ही उन्हें लोगों की नजरों में लाने के लिए किसी प्रकार के संकेतक ही बनाए गए थे। इस संबंध में नगरपालिका में निरंतर शिकायतें भी की जा रही थी। जब स्पीड ब्रेकर की वजह से एक महिला के अपने हाथ-पैर टूट गए इसके बाद नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा को मामले की गंभीरता का अहसास हुआ। मंगलवार को नपाध्यक्ष इंजीनियर आरएन कदवा, ओपी परमार व नपा कर्मचारियों के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंची। मौके पर पहुंचकर अमानक तरीके से बनाए गए स्पीड ब्रेकर का निरीक्षण किया। जिन स्पीड ब्रेकरों की वजह से हादसे हो रहे थे उन्हें तोड़कर पुन: मानक व मापदंड के आधार पर बनाने के निर्देश दिए गए। नपाध्यक्ष ने जैन भवन रोड के समीप का स्पीड ब्रेकर खड़े रहकर खुदवाया और नए सिरे से उसे बनवाया। सोचने वाली बात यह है कि शहर में जितने भी स्पीड ब्रेकर बने हैं उन पर हजारों रुपए खर्च किए गए होंगे। इस तरह नियम और अमानक स्तर के बनाए गए स्पीड ब्रेकर की जिम्मेदारी कौन लेगा। जनता के टैक्स से जमा राशि को इस तरह पानी में बहाने के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई कौन करेंगा। जिस महिला का स्पीड ब्रेकर की वजह से फ्रेक्चर हुआ है उसके नुकसान की भरपाई कौन करेगा। बिना शिकायत के नपा अधिकारी चेतते नहीं है।
स्पीड ब्रेकर की शिकायत मिलने पर की कार्रवाई
नपाध्यक्ष स्वाति चौपड़ा ने बताया कि नगरपालिका द्वारा बनाए गए स्पीड ब्रेकरों की शिकायत आ रही थी। काफी अधिक संख्या में बना दिए गए हैं। इनको लेकर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसकी शिकायत नगर पालिका में मिल रही थी। इसके चलते मंगलवार को नगरपालिका इंजीनियरों के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे। स्पीड ब्रेकरों का निरीक्षण कर उन्हें तोड़कर नए बनाने के निर्देश दिए गए हैं। शहर की जनता को किसी भी प्रकार की समस्या न हो और स्पीड ब्रेकर से शहर में हो रही दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगे इसको लेकर आईआरसीटीसी के नियमों के अनुसार शहर में स्पीड ब्रेकर बने। उनपर वाइट लाइन डाली जाए, जिससे उनकी जानकारी मिल सके कि यहां स्पीड ब्रेकर है। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। शहर में जहां भी अमानक स्पीड ब्रेकर है उन्हें तुड़वाकर नए बनाए जाएंगे। देखा जाए तो पूर्व में शहर में जितने भी स्पीड ब्रेकर बनाए गए या सड़क की मरम्मत का कार्य हुआ वहां नगरपालिका के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों काम करते दिखते थे। नपाध्यक्ष के निर्देश के बाद पहली बार शहर में नगरपालिका इंजीनियर नियम अनुसार स्पीड ब्रेकर बनाते नजर आए।