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चलती-फिरती लड़की को लगाया ऐसा इंजेक्शन, इलाज से पहले हो गई मौत

चलती फिरती एक लड़की को प्राइवेट अस्पताल में ऐसा इंजेक्शन लगा दिया कि इलाज से पहले ही लड़की की मौत हो गई, हैरानी की बात तो यह है कि बच्ची केवल टॉन्सिल्स का इलाज कराने गई थी।

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चलती-फिरती लड़की को लगाया ऐसा इंजेक्शन, इलाज से पहले हो गई मौत

चलती-फिरती लड़की को लगाया ऐसा इंजेक्शन, इलाज से पहले हो गई मौत

मध्यप्रदेश के नीमच में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण एक मासूम बच्ची की मौत हो गई है। दरअलस डॉक्टरों ने टॉन्सिल का इलाज कराने आई लडक़ी को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया था, जिसके डोज में गड़बड़ी होने के कारण बालिका की हालात अचानक बिगड़ गई और वह मरने जैसी स्थिति में पहुंच गई, ऐसे में बच्ची की जान बचाने के लिए परिजन उसे लेकर उदयपुर दौड़े, लेकिन बच्ची की जान नहीं बच सकी।

नीमच मेहनोत नगर स्थित निजी नर्सिंग होम में इलाज में लापरवाही बरतने से एक 6 वर्षीय मासूम बालिका की मौत हो गई। टॉन्सिल का इलाज कराने परिजना बालिका को लेकर प्रधान नर्सिंग होम पहुंचे थे। बालिका का उपचार कराने बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया था। डोज अधिक होने से वो मरणासन्न स्थिति में पहुंच गई। आनन फानन में बालिका को उदयपुर ले जाया गया। बताया जाता है वहां बालिका की मौत हो गई।

बालिका के परिजनों गोपाल पाटीदार और कमलेश पाटीदार ने बताया कि मल्हारगढ़ तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम सुठोद निवासी 6 वर्षीय बालिका भाविका पिता सुंदर पाटीदार को टॉन्सिल के ऑपरेशन के लिए गुरुवार को नीमच प्रधान नर्सिंग होम लेकर आए थे। जहां डॉक्टर पियूष प्रधान से उक्त बालिका का पूर्व में ही इलाज चल रहा था। गुरुवार को डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी थी। इसपर बालिका स्वयं चलकर माता-पिता के साथ अस्पताल पहुंची थी। ऑपरेशन रूम में गुरुवार सुबह 11 बजे बालिका को ले जाया गया था, जहां डॉ. किशोर सोनी ने बेहोशी का इंजेक्शन बालिका को लगाया। इसके बाद बालिका बेहोशी की हालत में चली गई। कुछ देर बाद उसके हार्ट और दिमाग ने काम करना बंद कर दिया। जैसे ही बालिका की हालत गंभीर अवस्था में पहुंची तो डॉ. प्रधान ने बालिका को उदयपुर ले जाने को कह दिया, जबकि बालिका हॉस्पिटल में चल कर आई थी। परिजनों ने आरोप लगाया डाक्टरों कि लापरवाही के चलते ही बालिका मरणासन्न स्थिति में पहुंच गई है। इस बात का परिजनों ने विरोध भी किया। इसके बाद डॉ. प्रधान ने डॉ. लालबहादुर चौधरी, डॉ. मुकेश पाटीदार, डॉ. विपुल गर्ग को तुरंत नर्सिंग होम बुलवाया। डॉक्टरों ने बालिका को देखा और परिजनों के समक्ष स्वीकार किया बालिका कि यह स्थिति बेहोशी के इंजेक्शन के बाद हुई है।

डॉक्टर ने बताया बालिका का माइंड और हार्ट ने काम करना बंद कर दिया है। मामले में परिजनों ने डॉ. प्रधान से बालिका के उपचार के समस्त जवाबदारी लिखित में ली है। उसके बाद मामला शांत हुआ और स्वयं डॉक्टर प्रधान ने एंबुलेंस बुलवाकर बालिका को उदयपुर लेकर गए। देर शाम दूरभाष पर परिजनों ने मीडिया को बताया कि उदयपुर में बालिका की मौत हो गई है।