
दिन में झुलसा देने वाली गर्मी से बचाव का इस तरह कर रहे सब्जी विक्रेता उपाय।
नीमच. गर्मी के तेवर फिलहाल तेज हैं, लेकिन सब्जी के नर्म हैं। जैसे जैसे लू के थपेड़े पडऩा शुरू होंगे सब्जी तेवर भी बढ़ जाएंगे। अधिक से अधिक एक पखवाड़े बाद सब्जी के दम अपने चर्म पर होंगे।
गिलकी, तराई और मैथी दिखा रही तेवर
इस समय बाजार में यूं तो भी सब्जियां आ रही हैं, लेकिन गिलकी, तराई और मैथी के तेवर सबसे तेज हैं। गिलकी जहां थोक में २५ से ३० रुपए किलो है वहीं तरोई फुटकर में ४० रुपए किलो बिक रही हैं। मैथी के भी यही हाल हैं। फुटकर में ४० डिग्री का पारा छू रही है। सबसे अधिक दाम इन्हीं तीनों के हैं। इसके बाद थोक और फुटकर में सब्जियों के दामों में दो गुना अंतर अवश्य है, लेकिन यह भी गर्मी की वजह से ही है। तेज गर्मी पडऩे से अधिक समय में सब्जी को सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है। इससे नुकसान भी हो रहा है। लागत और नुकसान मिलकर विक्रेता के हाथ लाभ काफी कम लग रहा है। यही कारण है कि थोक में बिक रही सब्जी के फुटकर में दो गुना दाम हैं। सब्जी मंडी में अधिकांश सब्जी १० रुपए किलो है, लेकिन उनके थोक भाव आधे हैं। मंडी में बेगन १० रुपए किलो, ककड़ी १०, पत्ता गोभी १०, फूल गोभी १०, ग्वारफली ३०, लोकी १० से १२, कद्दू १०, केरी २०, टेंसी ३०, पालक १०, भिंडी १० रुपए किलो के भाव में बिक रही है।
्रगर्मी से हो रहा नुकसान
अभी सब्जी के दाम इतने अधिक नहीं है कि हर आम आदमी खरीद न सके। यह बात सही है कि तेज गर्मी की वजह से बड़ा मात्रा में सब्जी खराब हो रही है। इससे नुकसान भी अधिक हो रहा है। इसका फर्क थोक व फुटकर सब्जी के दामों पर पड़ रहा है। लू पढऩे के साथ सब्जी के दाम भी आसमान छूने लगेंगे। अधिक से अधिक एक पखवाड़े और सब्जी के यही दाम रहेंगे।
- नीलम अग्रवाल, पूर्व सब्जी फुटकर संघ अध्यक्ष
Published on:
06 May 2018 02:32 pm
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