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फैक्ट्री श्रमिकों के समर्थन में ग्रामीण हुए लामबंद

अल्ट्राटेक सीमेंट से 230 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का कर रहे विरोध

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नीमच

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Mukesh Sharaiya

Dec 15, 2019

Neemuch

ग्राम खोर में अल्ट्राटेक सीमेंट प्रबंधन की मनमानी के विरोध में ग्राम रहा पूरा बंद।

नीमच. अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ शनिवार को ग्राम खोर की जनता श्रमिकों के समर्थन में लामबंद हुई। स्वैच्छा से गांव बंद रखा गया। इस दौरान चाय नाश्ता तक की दुकान-गुमटी नहीं खुली। फैक्ट्री प्रबंधन ने जिन 230 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है, इनमें से 80 से अधिक कर्मचारी खोर के हैं। इस कारण ग्रामीणों का रोष सामने आया है।
चाय-नाश्ता तक के ठेले नहीं लगे
अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री और प्रशासन की तानाशाही के चलते शनिवार को ग्राम खोर के ग्रामीण भी विरोध में मैदान में उतर आए। शनिवार को ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप पूरा गांव बंद रखा। ग्रामीणजनों ने सम्पूर्ण बस स्टैंड पर शांति पूर्ण तरीके से घूमकर लोगों से बंद का समर्थन करने का अनुरोध किया था। बंद का समर्थन करते हुए दुकानदारों ने स्वैच्छा से अपनी दुकानें, गुमटी आदि बंद रखे। इसके माध्यम से ग्रामीणों ने एक दूसरे को एकता के सूत्र में बांधने का प्रयास किया। साथ ही अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री द्वारा कई वर्षों से प्रताडि़त श्रमिकों की हिम्मत भी बढ़ाई। ग्रामीणों का बंद को पूरा समर्थन मिलने से श्रमिकों को भी एक आशा की किरण दिखाई दी। यह भविष्य में श्रमिकों के लिए संजीवनी का भी काम करेगी। बंद के चलते चाय-नाश्ता तक की दुकानें और गुमटी नहीं खुली। लोगों ने दुकानों के बाहर बैठकर समय बिताया। श्रमिकों की मांग वाजिब होने से ग्रामीणों ने भी खुलकर बंद का समर्थन किया।
श्रमिकों पर झूठे प्रकरण दर्ज कराने का प्रयास
ग्रामीणों ने बताया कि फैक्ट्री द्वारा श्रमिकों की आवाज दबाने, धरना स्थल से हटाने, फैक्ट्री के बाहर भी धरने पर बैठने की अनुमति नहीं देने और अब श्रमिकों के ऊपर झूठे मुकदमे दर्ज करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। इस सब कारणों के चलते शनिवार को सामूहिक रूप से बंद कर निर्णय लिया गयाा है। ग्रामीणों का कहना था कि आगे भी श्रमिकों के हित में खड़े रहेंगे। जो भी ग्रामीण सामूहिक निर्णय के खिलाफ चलेगा उसका भी विरोध किया जाएगा। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि जब यहां प्लांट डला था तब यहां के युवाओं को नौकरी पर रखने की बात कही थी। वर्षों से गांव के युवा फैक्ट्री में काम भी कर रहे हैं। अब उन्हें 26 दिन की हाजरी के स्थान पर नाममात्र की हाजरी लगाई जा रही है। इससे उनका गुजारा चलाना मुश्किल हो गया है। गांव के युवाओं को भी बड़ी संख्या में नौकरी से निकाला गया है। अब तक श्रमिकों को अपनी मांग उठाने का मौका तक नहीं दिया जा रहा है। प्रशासन धरना देने तक की अनुमति नहीं देकर तानाशाही रवैया अपना रहा है। फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा बाहर से श्रमिकों को बुलाकर उनसे काम लिया जा रहा है। यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं होकर गांव के श्रमिकों और यहां के युवाओं के भविष्य का है। श्रमिकों के हित में आगे भी उनके साथ खड़े रहेंगे। या तो फैक्ट्री प्रबंधन श्रमिकों को हरमाह प्रति श्रमिक को 26 हाजरी दे या प्रशासन शांतिपूर्ण धरने की अनुमति दे। यदि ऐसा नहीं होता है तो भविष्य में गांधीवादी तरीके से न्याय की मांग करेंगे। कानूनी कार्रवाई का विकल्प भी खुला हुआ है। ग्रामीणों ने बंद की सूचना एक दिन पहले ही जावद एसडीएम को दे दी थी।
आगे कराएंगे तहसील बंद
अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री अपना तानाशाही रवैया नहीं छोड़ता है तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आगे भी तहसील और जिला बंद का आह्वान किया जाएगा।
- कॉमरेड शैलेंद्रसिंह ठाकुर, प्रदेश सचिव सीटू