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आदिम जाति कल्याण विभाग संयोजक की क्यों फूलीं सांसें पढ़ें खबर

नीमच के एक अधिकारी को हाईकोर्ट ने थमाया अवमानना को नोटिस  

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नीमच

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Mukesh Sharaiya

Apr 10, 2022

Court News

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मुकेश सहारिया, नीमच. आदिम जाति कल्याण विभाग नीमच द्वारा संचालित छात्रावास में पदस्थ दैनिक वेतन भोगी को सेवा में नियुक्ति दिनांक से 12 वर्ष पूर्ण हो गए है। इसके बाद भी नीमच प्रशासन द्वारा विनयिमितीकरण तथा नियमित वेतनमान, वेतन वृद्धि आदि लाभ प्रदान नहीं किया गया। इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उच्च न्यायालय की ओर से आदिम जाति कल्याण विभाग के संयोजक को कोर्ट की आवमानना का नोटिस भेजा गया है।

12 वर्ष बाद मिलता है नियमित वेतनमान व वेतन वृद्धि लाभ
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता गौरव पांचाल ने बताया गया कि याचिकाकर्ता नीमच का रहवासी है जिसे नगरपालिका परिषद द्वारा 12 फरवरी 2009 को रसोईया कम जलवाहक के पद पर पदस्थ किया गया था जो कि वर्तमान में आदिम जाति कल्याण विभाग नीमच में दैनिक वेतन भोगी के पद पर छात्रावास में पदस्थ हैं। याचिकाकर्ता को सेवा में नियुक्ति दिनांक से 12 वर्ष पूर्ण हो जाने के पश्चात नीमच प्रशासन द्वारा विनयिमितीकरण तथा नियमित वेतनमानए वेतन वृद्धि आदि लाभ प्रदान नहीं किए गए, जबकि मध्यप्रदेश शासन के परिपत्र दिनांक 7 अक्टूबर 2016 के अनुसार कार्यरत दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के लिए स्थायी कर्मी विनियमित करने की योजना लागू की गई। उक्त पत्र में ऐसे दैनिक वेतन भोगीयों को विनयमित तथा नियमित वेतनमान आदि दिए जाने का प्रावधान लागू किया गया जो कि दिनांक 16 मई 2007 के पश्चात सक्षम अधिकारी द्वारा दैनिक वेतन भोगी के पद पर नियुक्त किए गए हैं।

दो बार सूचना पत्र भेजने पर भी नहीं की अमल
तत्पश्चात याचिकाकर्ता द्वारा मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र दिनांक 7 अक्टूबर 2016 के पालन में नियुक्ति दिनांक से 12 वर्ष पूर्ण हो जाने पर सेवा में नियमित करने तथा नियमित वेतनमान आदि लाभ दिए जाने के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष रिट याचिका क्रमांक 6733/2021 प्रस्तुत की। इस पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 26 मार्च 2021 को आदेश पारित कर याचिकाकर्ता को निर्देशित किया गया कि याचिकाकर्ता समस्त सुसंगत दस्तावेजों के साथ एक अभ्यावेदन प्रत्यर्थीगण जो कि मुख्य सचिव आदिम जाति कल्याण विभाग भोपाल, कलेक्ट नीमच, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग नीमच तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नीमच के समक्ष प्रस्तुत करें एवं याचिकाकर्ता का अभ्यावेदन प्राप्त होने पर नीमच प्रशासन 60 दिवस के भीतर उक्त अभ्यावेदन का निराकरण करें। तत्पश्चात याचिकाकर्ता द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग आदि प्रत्यर्थीगणों के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया। दो बार अपने अधिवक्ता के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करने पर कानूनी सूचना पत्र भी भिजवाया परन्तु आदिम जाति कल्याण विभाग के संयोजक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया।

कोर्ट ने जारी किया अवमानना नोटिस
याचिकाकर्ता ने इससे व्यथित होकर अपने हाईकोर्ट अभिभाषक गौरव पांचाल के माध्यम से आदिम जाति कल्याण विभागए नीमच के संयोजक राकेश राठौर के विरुद्ध अवमानना याचिका प्रस्तुत की। जिसमें याचिकाकर्ता के अधिवक्ता द्वारा बताया गया कि याचिकाकर्ता को मध्यप्रदेश शासन के परिपत्र दिनांक 7 अक्टूबर २016 के पालन में कोई लाभ प्रदान नहीं किए जा रहे है। न ही उसके अभ्यावेदन का निराकरण समयावधि में किया गया है, जबकि नगरपालिका परिषद जावद तथा वन विभाग नीमच के द्वारा मध्यप्रदेश शासन के परिपत्र दिनांक 7 अक्टूबर 2016 के पालन में दैनिक वेतन भोगियों को सेवा में 10 वर्ष पूर्ण होने पर विनयमित करने तथा नियमित वेतनमान आदि लाभ प्रदान किए गए हैं। नीमच प्रशासन इस मामले में दोहरा रवैया अपना रहा हैं। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा याचिकाकर्ता अधिवक्ता गौरव पांचाल के तर्कों से सहमत होकर आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक राकेश राठौर के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना का सूचना पत्र जारी कर जवाब तलब किया गया हैं।