नीमच/रतलाम। शासकीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना नीमच मेंटेनेंस के बाद शुक्रवार से फिर से शुरू हो गया। हालांकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग का मेंटेनेंस का कार्य अभी खत्म नहीं हुआ, लेकिन प्लांट का अंदर का जरूरी कार्य खत्म जो गया है। प्लांट को मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की हरी झंडी भी मिल गई है।
विदित हो कि नीमच स्थित अफीम कारखाना अफीम को सूखाकर विदेशों में निर्यात करता है। अफीम कारखाना परिसर में ही स्थित क्षारोद कारखाने में अफीम से दवाइयों के निर्माण के लिए अल्कालॉइडस बनाए जाकर घरेलू दवा कंपनियों को बेचे जाते हैं। एशिया के इस सबसे बड़े अफीम कारखाने को वित्त मंत्रालय द्वारा फरवरी से आवश्यक मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया था। कारखाने में क्षारोद बनाने हेतु अफीम को प्रोसेस करते समय अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इस कारण प्लांट के चालू रहते मरम्मत संभव नहीं होती है। कारखाने का सीधा नियंत्रण वित्त मंत्रालय भारत सरकार का है। मंत्रालय के अपर आयुक्त स्तर के अधिकारी इसे संभालते हैं जो कि कारखाने के महाप्रबंधक होते हैं और वर्तमान में महाप्रबंधक एचएन मीणा यह दायित्व संभाल रहे हैं।