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16 साल की छात्रा की रहस्यमयी मौत! डायरी में लिखा – ‘मुझे तालाब में ढूंढना’, 12 घंटे बाद मिला शव

Gurugram News: हरियाणा के गुरुग्राम में 16 वर्षीय छात्रा का शव गांव के श्मशान घाट के पास स्थित तालाब में मिला है। पुलिस को प्राथमिक जांच में यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस को जो डायरी मिली है, उसमें लिखा है कि “अब मुझे मत ढूंढना, अगर ढूंढना होगा तो गांव के तालाब […]

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16-year-old student committed suicide in Gurugram Haryana

Gurugram News:हरियाणा के गुरुग्राम में 16 वर्षीय छात्रा का शव गांव के श्मशान घाट के पास स्थित तालाब में मिला है। पुलिस को प्राथमिक जांच में यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस को जो डायरी मिली है, उसमें लिखा है कि “अब मुझे मत ढूंढना, अगर ढूंढना होगा तो गांव के तालाब में देखना।” बताया जा रहा है कि लड़की ने उसी तालाब में जाकर आत्महत्या कर ली।

आपको बता दें कि पूरा मामला जिले के मोकलवास गांव का है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कक्षा 12 की छात्रा बुधवार रात परिवार के साथ खाना खाने के बाद अपने कमरे में पढ़ाई करने गई थी। देर रात वह बिना किसी को बताए घर से बाहर निकल गई। CCTV फुटेज में छात्रा को घर से जाते हुए देखा गया है। परिजनों का कहना है कि उसका स्कूल यूनिफॉर्म भी कमरे में नहीं मिला था, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई थी।

डायरी में मिला सुराग

जांच के दौरान पुलिस के हाथ छात्रा की एक डायरी लगी, जिसने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी। डायरी में छात्रा ने स्पष्ट शब्दों में लिखा था, “मुझे मत ढूंढना। अगर ढूंढना ही है तो श्मशान घाट के पास तालाब में देखना।” इस संदेश को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल श्मशान घाट के पास स्थित तालाब को जांच के दायरे में लिया। इसके बाद मौके पर पुलिस टीम पहुंची और गोताखोरों की मदद से तालाब में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इसी तलाशी अभियान के दौरान पानी निकालकर तलाब की गहराई में जांच की गई, जहां से अंततः छात्रा का शव बरामद हुआ। इस डायरी को पुलिस मामले में अहम सबूत मानते हुए आगे की जांच में शामिल कर रही है।

माता-पिता से मांगी माफी

डायरी की जांच के दौरान पुलिस को एक और बेहद भावुक संदेश भी मिला, जिसने परिजनों और जांच अधिकारियों को झकझोर कर रख दिया। छात्रा ने लिखा था, “मां-पापा मुझे माफ कर देना। मैं दादा के पास जा रही हूं।” इस संदेश के सामने आते ही परिवार गहरे सदमे में चला गया और घर में मातम पसर गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार छात्रा पढ़ाई में काफी होनहार थी और अपने स्कूल में अच्छा प्रदर्शन कर रही थी। पारिवारिक जानकारी के मुताबिक, छात्रा अपने माता-पिता और एक बड़े भाई के साथ रहती थी। उसके पिता गांव की अदालत की लाइब्रेरी में कार्यरत हैं और परिवार सामान्य लेकिन सम्मानजनक जीवन जी रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों और मानसिक दबावों के चलते छात्रा ने इतना बड़ा कदम उठाया।

12 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

शुक्रवार शाम पुलिस टीम तालाब पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। चार ट्रैक्टर-माउंटेड पंप लगाकर तालाब का पानी निकाला गया और करीब 12 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पानी का स्तर कम होने पर शव कीचड़ में फंसा हुआ मिला। शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 193 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल छात्रा के मोबाइल फोन की तलाश की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसने यह कदम किन परिस्थितियों और मानसिक दबावों में उठाया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।