
नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने भारत के ओलिंपिक खेलों की मेजबानी करने का विरोध किया है, पेइचिंग ओलिंपिक खेलों के गोल्ड मेडल विजेता बिंद्रा ने कहा कि जब तक भारत के पास ओलिंपिक खेलों में 40 गोल्ड मेडल जीतने का मौका नहीं हो उसे मेजबानी नहीं करना चाहिए. बता दें कि भारत में खेल का सबसे बड़ा आयोजन कॉमनवेल्थ गेम का रहा है।
एक समारोह के दौरान अभिनव बिंद्रा ने कहा कि ''मैं भारत में इस समय ओलिंपिक खेलों की मेजबानी के खिलाफ हूं. मुझे लगता है कि हमारा तंत्र इसके लिए तैयार नहीं है. इससे शहर में बुनियादी ढांचे तैयार करने में कुछ तरह का फायदा मिल सकता है लेकिन यह तो ओलिंपिक की मेजबानी के बिना भी हो सकता है. हमें युवा खिलाड़ियों पर निवेश करने की जरूरत है, हमें अपने ऐथलीटों पर निवेश करना चाहिए, यह हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए और जब तक हम ओलिंपिक खेलों में कम से कम 40 गोल्ड मेडल जीतने की बेहतरीन स्थिति में नहीं पहुंच पाते, हमें अोलिंपिक की मेजबानी नहीं करनी चाहिए.''
बता दे कि भारत में अभी खेलों का और अधिक विस्तार करने की जरुरत है, खेलों के प्रति समाज के दृष्टिकोण के बारे में बिंद्रा ने बताया कि ''मुझे लगता है कि हम एक कन्फ्यूज सोसायटी और राष्ट्र हैं. हमारे यहां विचारों में स्पष्टता का अभाव है. एक समाज के तौर पर खेल को हमारी संस्कृति का हिस्सा बनाने के लिए अभी हमें काफी लंबा रास्ता तय करना बाकी है.''
35 वर्षीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा 10 मीटर एयर रायफल स्पर्धा में भारत के एक प्रमुख निशानेबाज हैं। वह 11 अगस्त 2008 को बीजिंग ओलंपिक खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
बिंद्रा ने रियो ओलिंपिक के बाद निशानेबाजी करियर को अलविदा कह दिया था। वह इस ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने से चूक गए थे। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता खिलाड़ियों में निवेश करने की होनी चाहिए।
Published on:
27 Nov 2017 11:22 pm
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