
अंकित शर्मा (Photo Source: Social Media / Enhanced by ChatGPT)
IB Officer Ankit Sharma Murder Case: साल 2020 के दिल्ली दंगे मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया है। इस मामले में कुल 11 आरोपी शामिल थे। अदालत ने ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपियों को दोषी करार दिया है।
सबूतों के अभाव में बाकी 6 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। अदालत में दोषी करार दिए जाने के तुरंत बाद ताहिर हुसैन फूट-फूटकर रो पड़ा। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों के दौरान अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
दिल्ली दंगों के मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिए जाने के बाद बीजेपी का बयान सामने आया है। इस पर बीजेपी प्रवक्ता हरीश खुराना ने कहा कि कोर्ट ने अंकित शर्मा मामले में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया है। यह वही अंकित शर्मा हैं जिनकी हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि वे हिंदू थे। उन पर धारा 302 लगाई गई थी। जिस तरह अरविंद केजरीवाल और उनके गिरोह ने उन्हें बचाने की कोशिश की, उससे पता चलता है कि अरविंद केजरीवाल हिंदुओं के खिलाफ थे। ताहिर हुसैन न केवल AAP के सक्रिय सदस्य थे, बल्कि AAP के पार्षद भी थे। उस समय AAP ने जिस तरह उनका बचाव करने की कोशिश की, उससे साफ है कि AAP ताहिर हुसैन के साथ खड़ी थी। अब जब उन्हें दोषी करार दिया गया है, तो क्या अरविंद केजरीवाल माफी मांगेंगे?
आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को आईपीसी की धारा 188, 153ए, 147, 148, 149, 365 और 302 के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 120बी और 129 के तहत अपराधों से बरी कर दिया गया है। न्यायाधीश ने अंकित शर्मा की हत्या के लिए जावेद, अनस, नाजिम और कासिम सहित चार अन्य लोगों को भी दोषी ठहराया है।
ताहिर हुसैन, नाजिम और कासिम को छोड़कर इस मामले में बाकी सभी आरोपियों को जमानत मिल गई है। हुसैन की जमानत याचिका पिछले साल सितंबर में हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी। यह मामला दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 65/2020 से संबंधित है।
मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। दंगों के दौरान जब उनका बेटा लापता हो गया था, तब उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अंकित का शव बाद में एक नाले से बरामद किया गया। जीटीबी अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
शिकायतकर्ता का बेटा अंकित शर्मा, जो खुफिया ब्यूरो में अधिकारी था, उक्त दिन शाम करीब 5 बजे किराने का सामान और घरेलू उपयोग की चीजें खरीदने के लिए घर से निकला था। हालांकि, कई घंटे बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटा। बाद में उसका शव चांद बाग पुलिया के पास एक नाले में पड़ा मिला।
उसके सिर, चेहरे, छाती, पीठ और कमर पर धारदार हथियारों से गहरे घाव थे। मृतक अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनके शरीर पर धारदार हथियारों और डंडे की 51 चोटें आई थीं।
Updated on:
13 Jul 2026 07:12 pm
Published on:
13 Jul 2026 06:26 pm
