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AI impact summit case: अब तक की सबसे बड़ी गिरफ्तारी, IYC के अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत अब तक आठ लोग गिरफ्तार

AI impact summit case: भारत मंडपम में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने आज उदय भानु चिब को भी हिरासत में ले लिया। चिब इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं।

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biggest arrest in the AI ​​Impact Summit case in delhi

AI impact summit case: भारत मंडपम में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने आज उदय भानु चिब को भी हिरासत में ले लिया। चिब इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद तिलक मार्ग थाना के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर तीखा विरोध जताया है।

20 घंटे चली पूछताछ के बाद गिरफ्तार

तिलक मार्ग थाना पुलिस ने सोमवार को उदय भानु चिब को पूछताछ के लिए तलब किया था। लगभग 20 घंटे तक चली पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। आज उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि शुक्रवार को इंडियन यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में प्रवेश कर शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया था। उनकी शर्ट पर PM Compromised के नारे लिखे हुए थे।

कुल 8 लोग गिरफ्तार

पिछले सप्ताह हुई एआई इम्पैक्ट सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के किए गए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को ग्वालियर से तीन और लोगों को गिरफ्तार किया। उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 और 197 के तहत केस दर्ज किया है। दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले दावे किए गए।

कांग्रेस नेता ने कहा प्रदर्शनकारियों को नहीं टेररिस्ट को जेल भेजो

उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर पवन खेड़ा ने कड़ी जवाब दिया। उन्होंने कहा, यह शर्मनाक है कि सरकार को किसी के शांतिपूर्ण विरोध से परेशानी होती है। जो भी उन्हें आईना दिखाएगा, उसे तानाशाही तरीके से जेल में डाल दिया जाएगा। क्या पुलवामा, पहलगाम हमले और लाल किला विस्फोट के पीछे के सभी आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया है? आप आतंकवादी हमलों के दोषियों को पकड़ नहीं पा रहे हैं, लेकिन अगर कोई विरोध में अपनी शर्ट उतार दे तो आप घबरा जाते हैं। यही इस सरकार की सच्चाई है।

गिरफ्तारी की कड़ी निंदा

भूपेश बघेल ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वे दिल्ली पुलिस के इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब और दूसरे युवा कार्यकर्ताओं की कथित गैरकानूनी गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में युवाओं का आवाज उठाना, सवाल पूछना और विरोध दर्ज कराना अपराध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की ताकत है। बघेल के अनुसार, युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना किसी हिंसा या उकसावे के शांतिपूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री से जुड़े मुद्दों और युवाओं की अनसुनी समस्याओं को सामने रखा।

आगे क्या कहा

उन्होंने आरोप लगाया कि इस वैध और लोकतांत्रिक कदम को दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है। यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर सीधा प्रहार भी है। बघेल ने मांग की कि उदय भानु चिब सहित सभी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए, उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं और इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। उन्होंने अंत में लिखा, लड़ेंगे-जीतेंगे।

प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं

बता दें कि, AI समिट में इस मुद्दे पर बात करते हुए उदय भानु ने कहा था कि देश के युवा अब चुप नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा, इंडियन यूथ कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि देश के युवा अब चुप नहीं रहेंगे। प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि लाखों बेरोजगार युवाओं का गुस्सा है। अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील हमारे किसानों और जनता के हितों के साथ धोखा है, जिससे सिर्फ अमेरिका को फायदा होगा। डेमोक्रेसी में शांतिपूर्ण विरोध हमारा हक है और हम युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे। उदय भानु ने साफ किया कि पार्टी AI समिट के खिलाफ नहीं है, लेकिन भारत के हितों के साथ किसी भी तरह के कॉम्प्रोमाइज का कड़ा विरोध करती है। आगे कहा, हम भारत के हितों के साथ किसी भी तरह के कॉम्प्रोमाइज के खिलाफ हैं। जब देश के किसानों के साथ कॉम्प्रोमाइज किया जा रहा है, भारत विरोधी ट्रेड एग्रीमेंट साइन किए जा रहे हैं, और युवाओं को बेरोजगार रखते हुए नफरत की पॉलिटिक्स में धकेला जा रहा है, तो क्या हमें चुप रहना चाहिए? यह 140 करोड़ लोगों का देश है। PM मोदी पर और तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं और इसका मतलब यह नहीं है कि जनता चुप रहे।