
Bihar Elections 2025
शादाब अहमद
पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा भले ही बाकी हो, लेकिन राज्य का सियासी पारा पहले ही चढ़ चुका है। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी महागठबंधन के बीच तीखी बयानबाजी, रैलियां, और सामाजिक मुद्दों को लेकर जोर-शोर से आरोप प्रत्यारोप चल रहे हैं।चुनाव को लेकर सड़कों से सोशल मीडिया तक हर जगह सियासी सरगर्मी चरम पर है।
दरअसल, नीतीश सरकार चुनाव से ठीक पहले घोषणाओं की बरसात कर रहे है, वहीं महागठबंधन ने वोट चोरी का मुद्दा उठाकर वोटर अधिकार यात्रा निकाल कर माहौल बनाया है। इसके जवाब में एनडीए ने यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई गाली को मुद्दा बना कर भावनात्मक कार्ड खेला है। इसी मुद्दे पर एनडीए की ओर से गुरुवार को बिहार बंद बुलाया गया है। जबकि आमजन के बीच बेरोजगारी, शिक्षा, पलायन और शराबबंदी से परेशानी बढ़ा मुद्दा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी को 1300 किलोमीटर लंबी वोटर अधिकार यात्रा निकालने से माहौल बना है, लेकिन जनता के बीच वोट चोरी कोई मुद्दा नहीं दिख रहा है। पटना के डाक बंगला रोड निवासी 25 साल के राजकिशोर तिवारी ने कहा कि सभी के नाम तो लिस्ट में आ रहे हैं। हमारे पास काम धंधा नहीं है, जिस पर कोई बात नहीं कर रहा। इसी तरह पूर्णिया में सत्यनारायण चौधरी ने पीएम को गाली देने का मुद्दा बिना वजह का बनाया जा रहा है। बंद से क्या फायदा, वैसे ही यहां रोजगार की कमी है, जिसके चलते लोगों का दूसरे राज्यों में पलायन होता है।
बिहार के किशनगंज से ठाकुरगंज की ओर जाने वाले रोड पर स्थित बस्ती में जीविका योजना की चर्चा करती महिलाएं।
मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में महिलाओं की योजनाओं ने भाजपा को जीत दिलाई है। अब बिहार में भी यही कार्ड खेला जा रहा है। हाल में प्रधानमंत्री मोदी ने'जीविका निधि साख सहकारी संघ' के तहत 1.4 करोड़ महिलाओं को सस्ते ऋण देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हर परिवार की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए 10,000 रुपए की सहायता देने और हर परिवार को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है। किशनगंज शहर के पास ठाकुरगंज रोड पर स्थित बस्ती निवासी अरुणा पासी ने बताया कि दो दिन बाद उनकी बस्ती की महिलाओं को जीविका योजना के तहत 10 हजार रुपए देने के लिए सरकारी कार्यालय बुलाया है। इस राशि से क्या होगा, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उधर, कांग्रेस ने सरकार बनने पर माई बहिन मान योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए देने का वादा किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी मिथिलांचल में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान माता सीता के मंदिर में माथा टेककर महिला वोटरों को साधने की कोशिश की।
बिहार का चुनावी माहौल सिर्फ रैलियों और सड़कों तक सीमित नहीं है। दोनों गठबंधनों के
सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पोस्टर वार चल रहा है। जहां सरकार की ओर से उपलब्धियों और योजनाओं के बड़े बड़े होर्डिंग्स और पोस्टर लगाए गए हैं तो विपक्ष ने सरकार की बेरोजगारी, अपराध और वोट चोरी को केंद्र में रखकर पोस्टर, बैनर होर्डिंग्स लगाए है।
बिहार में चुनाव से पहले ही प्रधानमंत्री मोदी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी में सीधी सियासी भिंडत देखने को मिल रही है।
Updated on:
4 Sep 2025, 11:46 AM IST
Published on:
4 Sep 2025, 11:33 AM IST
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