
CM Rekha Gupta (Photo: @gupta_rekha)
Delhi CM Rekha Double Gift: राजधानी में झुग्गियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए सीएम रेखा गुप्ता ने बड़ी राहत की घोषणा की है। शनिवार को उन्होंने दो प्रमुख फैसले लेते हुए न सिर्फ झुग्गी बस्तियों पर चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए, बल्कि सालों से खाली पड़े 50 हजार फ्लैट्स को मरम्मत कराकर गरीबों को देने की बात भी कही। इन दोनों फैसलों से राजधानी के लाखों झुग्गीवासियों को एक नई उम्मीद मिली है। दूसरी ओर राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है। हालांकि आने वाले समय में यह देखने की बात होगी कि सरकार इन घोषणाओं को जमीन पर किस हद तक उतार पाती है।
दरअसल, शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर बड़ा ऐलान किया था। शनिवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री गुप्ता ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दिल्ली में अब बिना वैकल्पिक व्यवस्था के किसी भी झुग्गी को नहीं हटाया जाएगा। रेलवे, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और अन्य सभी सरकारी एजेंसियों को झुग्गियों में तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकने को कहा गया है। सीएम ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर अगर किसी बस्ती को हटाना जरूरी भी होता है तो उससे पहले वहां के निवासियों को उपयुक्त पुनर्वास सुविधा दी जाएगी।
इस दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि इसके लिए जरूरत पड़ने पर सरकारी नीति में बदलाव के साथ-साथ अदालत तक सरकार लड़ाई लड़ेगी। ताकि दिल्ली के लाखों झुग्गीवासियों को जबरन बेघर होने से बचाया जा सके। दिल्ली सरकार की यह पहल तब आई है, जब हाल के दिनों में विभिन्न इलाकों में झुग्गियों पर बुलडोजर चलाए गए थे, जिससे गरीबों के बीच भारी आक्रोश था। इसको लेकर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की रेखा सरकार का घेराव किया था।
मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली के बाहरी इलाकों में जेएनएनयूआरएम योजना के तहत बनाए गए करीब 50 हजार फ्लैट्स को अब गरीबों के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये फ्लैट्स कई साल पहले बनकर तैयार हो गए थे, लेकिन रखरखाव के अभाव में जर्जर हो गए और खाली पड़े रहे। अब इन्हें मरम्मत कर जल्द ही पात्र झुग्गीवासियों को सौंपा जाएगा।
सीएम रेखा गुप्ता ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ने झुग्गीवासियों के नाम पर केवल राजनीति की, लेकिन उन्हें मकान और बुनियादी सुविधाएं नहीं दीं। कांग्रेस ने इंदिरा और राजीव गांधी के नाम पर बस्तियां बसाईं, लेकिन सुविधाएं नहीं दीं, जबकि AAP सरकार ने वादे तो किए पर जमीनी हकीकत नहीं बदली। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा “पिछले 15 से 20 साल में दिल्ली में एक भी नए कॉलेज का निर्माण नहीं किया गया। उन सालों में दिल्ली कहीं खो सी गई थी। भाजपा सरकार दिल्ली के इतिहास में ऐसी पहली सरकार है, जो झुग्गी बस्तियों को सिर्फ ‘संजय कैंप’ या ‘नेहरू कैंप’ जैसे नामों से चिह्नित करने के बजाय हर झुग्गीवासी को घर देने की दिशा में काम कर रही है। दिल्ली की यह पहली सरकार है, जो हर झुग्गीवासी को घर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।”
राजधानी दिल्ली में कुल 675 झुग्गी बस्तियां हैं, जिनमें करीब 3.06 लाख झुग्गियां मौजूद हैं। इनमें से 50 फीसदी DDA की जमीनों पर बसी हैं। जबकि 23 फीसदी झुग्गियां सरकारी, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी जमीनों पर स्थित हैं। यह मुद्दा केवल आवास का ही नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा और जीविका का भी है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की इस घोषणा पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह जनता को गुमराह करने वाला कदम है। उन्होंने मांग की कि अगर सरकार गंभीर है तो केंद्र, रेलवे और DDA द्वारा झुग्गियों के खिलाफ कोर्ट में चल रहे केस वापस लिए जाएं।
Updated on:
2 Aug 2025, 3:51 PM IST
Published on:
2 Aug 2025, 3:44 PM IST
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