
गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सीमा विवाद हल करने के समझौते पर असम के सीएम हेमंत बिस्वा शर्मा और अरुणाचल के सीएम पेमा खांडू ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
नॉर्थ ईस्ट में पूरी तरह शांति स्थापित करने के मोदी सरकार के एक और अहम कदम के तहत इस महत्वपूर्ण समझौते पर असम और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय गृह सचिव और केंद्र और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस अवसर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज हम सब उत्तर पूर्व और भारत के एक ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं जब असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच दशकों से चला आ रहा सीमा विवाद पूरी तरह से समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि इस विवाद पर लोकल कमीशन की रिपोर्ट दशकों तक इधर-उधर घूमती रही जिसे आज दोनों राज्यों ने स्वीकार कर लिया है। श्री शाह ने कहा कि आज हुए ये समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित, शांत और विवाद रहित नॉर्थ ईस्ट के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इन समझौतों के परिणामस्वरूप पूरे पूर्वोत्तर में शुरू हुई है शांति की एक नई पहल : गृह मंत्री
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इन समझौतों के परिणामस्वरूप पूरे पूर्वोत्तर में शांति की एक नई पहल शुरू हुई है और अब तक 8 हजार से अधिक हथियारबंद युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। श्री शाह ने कहा कि 2014 की तुलना में उत्तर पूर्व में हिंसा की घटनाओं में 67 प्रतिशत, सुरक्षाबलों की मृत्यु की संख्या में 60 प्रतिशत और नागरिकों की मृत्यु की संख्या में 83 प्रतिशत की कमी आई है, जो मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर के कई स्थानों से AFSPA को हटा लिया है। असम में 70 प्रतिशत, मणिपुर के 6 जिलों के 15 पुलिस स्टेशन, अरुणाचल में 3 ज़िले छोड़कर सभी जिलों, नागालैंड में 7 जिले और त्रिपुरा व मेघालय पूर्णतया AFSPA से मुक्त हो चुके हैं।
Published on:
20 Apr 2023 10:52 pm
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