कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने कहा कि हमें रौब से कहा जाता है कि कश्मीर में शांति आ गई है। हम पूछना चाहते हैं कि क्या शांति सिर्फ़ राजनीतिक लफ़्फ़ाज़ी से आती है?
– दिहाड़ी मज़दूरों के लिए शांति नहीं है।
– कश्मीरी पंडितों के लिए शांति नहीं है।
– स्थानीय नागरिकों के लिए शांति नहीं है।
– पर्यटकों के लिए शांति नहीं है।
– तीर्थयात्रियों के लिए शांति नहीं है।
– सुरक्षाबलों के लिए शांति नहीं है।
एक तरफ़ NDA सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम चल रहा था, दूसरी तरफ़ कश्मीर में निहत्थे तीर्थयात्रियों पर आतंकी हमला हो रहा था और तीसरी तरफ़ भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मैच चल रहा था। अब हम पूछना चाहते हैं, क्या क्रिकेट और आतंकवाद साथ साथ चल सकते हैं?