
नई दिल्ली। सीबीएसई पेपर लीक मामले में क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, 12वीं के अर्थशास्त्र का प्रश्नपत्र केवल एक लड़की के लिए लीक किया गया था। हालांकि, क्राइम ब्रांच का यह भी कहना है कि इसमें पैसे का कोई लेन-देन का सबूत नहीं मिला है।
केवल एक छात्रा को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया पेपर लीक
क्राइम ब्रांच ने सीबीएसई के अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कहा कि केवल एक छात्रा को अच्छे अंक दिलाने के लिए उसके टीचर ने प्रश्नपत्र लीक किया था। इसके बाद आरोपी ने वही पेपर अपनी भाभी को वाट्सअप पर भेज दिया था, जिसके बाद पेपर वायरल हो गया और सैकड़ों लोगों तक पहुंच गया।
वाट्सअप से वायरल हुआ प्रश्नपत्र
क्राइम ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि इस मामले में हिमाचल प्रदेश के ऊना के डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य अतुल महाजन और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा मैनेजर शेर सिंह ने भी काफी लापरवाही बरती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों ने अपनी ड्यूटी करने की बजाय किसी अन्य पर जिम्मेदारी सौंप दी थी, जिसके कारण यह पेपर लीक हुआ। क्राइम ब्रांच का यह भी कहना है कि अगर पेपर लीक मामले में उनके खिलाफ कोई सूबत मिलते तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता। हालांकि, स्कूल की मान्यता रद करने और प्रबंधन को स्कूल के प्रधानाचार्य को नौकरी से हटाने की मांग की गई है। इसके अलावा ब्रांच मैनेजर के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया गया है। क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने कहा कि जांच में पैसों के लेनदेन का मामला सामने नहीं आया है। आरोपित राकेश ने ट्यूशन पढ़ने वाली 12वीं की छात्रा के लिए ही पेपर लीक किया था। बाद में उसने चंडीगढ़ में रहने वाली अपनी भाभी अंजू बाला को इसलिए पेपर भेज दिया था ताकि वह उसके किसी रिश्तेदार या परिचित के काम आ जाए।
Published on:
11 Apr 2018 02:34 pm
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