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केन्द्रीय टीमें जानेगी राजस्थान का परवन और मध्यप्रदेश का बरगी डायवर्जन प्रोजेक्ट की जमीनी हकीकत

-देश की 43 सिंचाई परियोजनाओं के निरीक्षण के लिए केन्द्र ने गठित की 32 टीमें

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नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई परियोजना व जल जीवन मिशन के तहत चल रही परियोजनाओं की जमीनी हकीकत जानने का निर्णय किया है। इसके तहत 43 सिंचाई परियोजनाओं के साथ करीब 150 से अधिक जल जीवन मिशन योजनाओं का निरीक्षण करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में टीमें गठित की गई है। इसमें राजस्थान की परवन सिंचाई परियोजना, मध्यप्रदेश की बरगी परियोजना के तीन चरण तथा छत्तीसगढ़ के केलो सिंचाई परियोजना भी शामिल है।

दरअसल, सिंचाई परियोजनाओं व जल जीवन मिशन के कामों को लेकर कैबिनेट सेकेट्री ने गत 8 मई को समीक्षा बैठक की थी। इसके बाद सरकार ने निर्णय किया है कि देश की 43 सिंचाई परियोजनाओं के साथ जल जीवन मिशन के कामों का निरीक्षण कराया जाए। इसके लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने आदेश जारी कर 32 टीमें गठिढत कर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। राजस्थान के कोटा, बारां व झालावाड़ जिलों की परवन सिंचाई परियोजना के काम का निरीक्षण स्कूली शिक्षा के संयुक्त सचिव अमरप्रीत दुग्गल की अगुवाई में टीम करेगी। जबकि मध्यप्रदेश के जबलपुर, सतना, रीवा व कटनी जिलों की बरगी डायवर्जन के चरण 2, 3 व 4 का निरीक्षण नवीकरणीय ऊर्जा के निदेशक सुमन चंद्रा तथा छत्तीसगढ़ के रायगढ़, जांगीर और चंपा जिलों की केलो सिंचाई परियोजना का निरीक्षण युवा मामलों के निदेशक सारा जायल करेंगे। इसके आलावा महाराष्ट्र की 10, तेलंगाना की 7, ओडिशा की 3 परियोजनाएं भी शामिल है।

जल जीवन मिशन के कामों की जांच भी

सूत्रों ने बताया कि 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 135 जिलों में करीब 150 से अधिक योजनाओं के निरीक्षण के लिए करीब 99 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। इनमें सबसे अधिक 29 योजनाएं मध्यप्रदेश में, राजस्थान और ओडिशा में 21-21, कर्नाटक में 19, उत्तर प्रदेश में 18, केरल में 10, तथा गुजरात और तमिलनाडु में आठ-आठ योजनाएं शामिल बता जा रही है।

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