
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ विपक्ष शुक्रवार को महाभियोग प्रस्ताव लाया है। कांग्रेस के नेतृत्व में सात विपक्षी पार्टियों ने राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू को यह प्रस्ताव सौंपा है। इस महाभियोग प्रस्ताव से पूरे देश में हलचल मच गई है। उनके खिलाफ यह प्रस्ताव भेदभाव, बैक डेटिंग और मनमानी का आरोप लगाते हुए लाया गया है। हालांकि, चीफ जस्टिस ने कई ऐतिहासिक और बड़े फैसले भी सुनाए हैं। आईए जानते हैं कौन हैं चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा...
कटक के रहने वाले हैं दीपक मिश्रा
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा का जन्म 3 अक्टूबर, 1953 को ओडिशा के कटक में हुआ था। बेसिक पढ़ाई करने के बाद दीपक मिश्रा ने मधुसूदन लॉ कॉलेज, कत्तैक से वकालत की पढ़ाई की। इसके बाद 14 फरवरी, 1977 को उन्होंने ओडिशा हाईकोर्ट से पहली बार प्रैक्टिस शुरू की थी। 1996 में उन्हें ओडिशा हाईकोर्ट का एडिशनल जल बनाया गया। इसके बाद उनका ट्रांसफर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट हो गया।
पटना हाईकोर्ट के भी जज रह चुके हैं दीपक मिश्रा
साल 2009 में दीपक मिश्रा को पटना हाईकोर्ट का जज बनाया गया। एक साल यहां रहने के बाद दीपक मिश्रा का ट्रांसपर दिल्ली हाईकोर्ट हो गया। 24 मई, 2010 को उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस कार्यभार संभाला।
27 अगस्त 2017 को चीफ जस्टिस के रूप में दीपक मिश्रा ने लिया था शपथ
10 अक्टूबर, 2011 को दीपक मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त किए गए। वहीं, 27 अगस्त 2017 को दीपक मिश्रा ने देश के 45वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। वो 2 अक्टूबर 2018 को उनका कार्यकाल खत्म हो जाएगा। उनका पूरा कार्यकाल 13 महीने और छह दिनों का होगा। अब तक अपने कार्यकाल में दीपक मिश्रा ने बतौर जल कई ऐतिहासिक फैसले सुनाए हैं। यहां आपको बता दें कि 30 नवंबर 2016 को जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था कि पूरे देश में सिनेमा घरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाया जाए।
Updated on:
20 Apr 2018 05:38 pm
Published on:
20 Apr 2018 05:46 pm
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