
नई दिल्ली। राजस्थान में पिछले साल सरकारी रिकॉर्ड में पौधारोपण का आंकड़ा साढ़े ग्यारह करोड़ तक पहुंच गया, लेकिन करीब 85 फीसदी पौधों का सत्यापन ही नहीं हुआ। राजस्थान में वर्ष 2025-26 के दौरान 72 विभागों ने 11.57 करोड़ पौधे लगाने और उनकी जियो टैगिंग का दावा किया है, लेकिन इनमें से केवल 1.69 करोड़ यानी करीब 14.6% पौधों का ही सत्यापन किया गया। सत्यापित पौधों में से 1.36 करोड़ पौधे जीवित पाए गए, जिससे सत्यापित पौधों का जीवित रहने का प्रतिशत 80.83 फीसदी रहा। यह जानकारी सोमवार को लोकसभा में सीकर सांसद अमराराम के प्रश्न के लिखित जवाब में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह की ओर से पेश आंकड़ों में सामने आई।
आंकड़े बताते हैं कि पौधारोपण और उसके वास्तविक सत्यापन के बीच भारी अंतर है। कई विभागों ने लाखों पौधे लगाने का दावा किया, लेकिन उसका बहुत कम हिस्सा ही जियो टैगिंग के जरिए सत्यापित हो सका। लोकसभा में सरकार ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान वन विभाग ने पौधारोपण और रखरखाव पर 127.78 करोड़ रुपये खर्च किए।
सबसे अधिक 4.03 करोड़ पौधे शिक्षा विभाग ने लगाए, लेकिन इनमें से केवल 28.63 लाख पौधों का सत्यापन हुआ। यानी कुल पौधारोपण का लगभग 7 फीसदी ही जांच के दायरे में आया। सत्यापित पौधों में 75.52 फीसदी जीवित पाए गए।
वन विभाग ने 2.03 करोड़ पौधे लगाए, लेकिन 95.42 लाख पौधों का ही सत्यापन कराया। सत्यापित पौधों में 87.58 फीसदी जीवित मिले।
| विभाग | लगाए गए पौधे | सत्यापित |
| शिक्षा | 4.03 करोड़ | 28.63 लाख |
| वन विभाग | 2.03 करोड़ | 95.42 लाख |
| ग्राम पंचायत (वीबी-जी) | 1.90 करोड़ | 20.74 लाख |
| पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास | 59.34 लाख | 4.33 लाख |
| प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड | 56.34 लाख | 64,838 |
| वाटरशेड एवं मृदा संरक्षण | 34.27 लाख | 35,420 |
| कृषि विभाग | 14.19 लाख | 1.18 लाख |
| पीडब्ल्यूडी | 13.38 लाख | 62,168 |
उद्योग विभाग : 1.66 लाख पौधे, सत्यापन केवल 2,342
खेल एवं युवा मामले विभाग : 1.10 लाख पौधे, सत्यापन केवल 361
पर्यटन विभाग : 14,394 पौधे, सत्यापन 500
तकनीकी शिक्षा विभाग : 17,019 पौधे, सत्यापन केवल 30
सामान्य प्रशासन विभाग : 5,977 पौधे, सत्यापन 62
वित्त विभाग : 5,308 पौधे सत्यापन केवल 156
जियो टैग पौधे: 11,57,72,615
सत्यापित: 1,69,35,195
जीवित: 1,36,88,769
मृत: 32,46,426
जीवित रहने की दर: 80.83%
Updated on:
28 Jul 2026 01:53 pm
Published on:
28 Jul 2026 01:53 pm
