
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी के स्कूलों को लेकर एमसीडी के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक।
दिल्ली सरकार के अनुसार इस बैठक में सीएम ने एमसीडी की शिक्षा प्रणाली की वर्तमान स्थिति का आकलन किया और उन क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया, जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। सीएम ने एमसीडी के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को प्रेरित करने और उन्हें दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की तरह ही अच्छी ट्रेनिंग देने की आवश्यकता पर जोर दिया। सीएम ने निर्देश दिया कि एमसीडी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को अगले पांच साल के अंदर विश्वस्तरीय बनाया जाए। सीएम ने अधिकारियों को सभी स्कूलों की बिल्डिंग शानदार बनाने के साथ ही हर स्कूल में एक एस्टेट मैनेजर, आईटी सहायक और सुरक्षा गार्ड तैनात करने का भी निर्देश दिया।
इस अवसर पर सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों की तरह ही एमसीडी के स्कूलों को भी बदलने की जरूरत है। हमारे बच्चों के अंदर प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। अगर एमसीडी से इन बच्चों को पर्याप्त सहयोग दे तो ये बच्चे अपनी प्रतिभा को साबित कर पूरे देश का नाम उंचा करेंगे। सीएम ने कहा कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की ट्रेनिंग और छात्र कल्याण के साथ शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर ध्यान देने से एमसीडी स्कूलों के अंदर बदलाव लाने में काफी मदद मिलेगी।
एमसीडी के 1,578 स्कूलों में पढ़ते हैं 8.76 लाख बच्चे
दिल्ली सरकार के अनुसार एमसीडी के स्कूलों को लेकर हुई समीक्षा बैठक में एमसीडी के अधिकारियों ने सीएम को जानकारी दी कि दिल्ली में एमसीडी के 1,578 स्कूल हैं। इन स्कूलों में करीब 8.76 लाख बच्चे पढ़ते हैं। 1,578 स्कूलों में से 342 स्कूल दो शिफ्टों में चलते हैं। दिल्ली में 1,185 साइटों पर एमसीडी के स्कूल चलते हैं। इनमें से 126 स्कूल पक्की इमारत नहीं है और लगभग 200 स्कूलों की बिल्डिंग की मरम्मत की आवश्यकता है। इस दौरान स्कूलों में सुरक्षा गार्डों की अनुपस्थिति, शौचालयों की खराब हालत, स्कूलों में साफ-सफाई की कमी, शिक्षकों व प्रधानाचार्यों पर काम का अधिक बोझ और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की कमी जैसे अन्य मुद्दों की पहचान की गई।
Published on:
06 Apr 2023 10:17 pm
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