महिला के वकील ने कोर्ट में कहा कि इस मामले में देर करना ठीक नहीं होगा। समय बीतने के साथ स्पर्म की क्वालिटी खराब हो सकती है, जिससे आगे चलकर बच्चा होना मुश्किल हो सकता है। महिला बस इतना चाहती है कि वह अपने पति के बच्चे की मां बन सके, इसलिए उसने यह मांग की है। उसने कोर्ट से यह भी कहा है कि एक डॉक्टरों की टीम बनाई जाए, जो मरीज की हालत देखकर तय करे कि स्पर्म निकालना सुरक्षित है या नहीं।