कांग्रेस में स्थानीय नेतृत्व का संकट!

दिल्ली में नहीं मिल रहा कोई सर्वमान्य चेहरा

एमपी में कमलनाथ के सीएम बनने के सवा साल बाद भी उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं चुना जा सका

राजस्थान में भी नेताओं की खींचतान जारी

By: Shadab Ahmed

Published: 18 Feb 2020, 07:30 AM IST

शादाब अहमद

नई दिल्ली। देश के कई प्रदेशों में कांग्रेस नेतृत्व चेहरे को लेकर संकट में फंसी हुई है। दिल्ली में लगातार दो लोकसभा और दो विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद कांग्रेस को संभालने के लिए कोई माकूल चेहरा दिख नहीं रहा है। कमोबेश यही हालात मध्यप्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में दिखाई दे रहे हैं। इसके चलते नेताओं में खींचतान और बयानबाजी भी तेज होती दिख रही है।

दिल्ली के चुनाव परिणाम ने कांग्रेस को हिला कर रख दिया है। 15 साल दिल्ली पर राज करने वाली कांग्रेस के लिए वापसी का इंतजार अब लंबा ही नहीं, बल्कि मुश्किलों से भरा हो गया है। पार्टी के कई राष्ट्रीय नेताओं के भाजपा को हराने के लिए परोक्ष रूप से आप का समर्थन करने से स्थितियां बिगड़ गई हैं। इसके चलते राष्ट्रीय और राज्य की राजनीति करने वाले नेताओं में बयानबाजी हो रही है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष पद से सुभाष चोपड़ा के इस्तीफा देने के सात दिन बाद भी किसी नेता को इसकी जिम्मेदारी नहीं दी गई है। इसकी वजह कांग्रेस में व्याप्त गुटबाजी और सर्वमान्य नेता का अभाव होना है। कांग्रेस को जमीनी स्तर पर सुधार के लिए अमूल-चूल परिवर्तन करना होगा। साथ ही हार को लेकर नेताओं ने जिम्मेदारी तो ली, लेकिन हार की समीक्षा नहीं की।

एमपी में बढ़ रहा झगड़ा

मुख्यमंत्री पद संभाले हुए कमलनाथ को करीब सवा साल गुजर चुका है। इसके साथ ही वह मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं। उनकी जगह किसी अन्य नेता को इसकी जिम्मेदारी देने के लिए पिछले लंबे समय से चर्चा चल रही है, लेकिन नेताओं की गुटबाजी के चलते फैसला नहीं हो पा रहा है। वहीं अब राज्यसभा चुनाव नजदीक है और कमलनाथ व ज्योतिरादित्य सिंधिया का झगड़ा बयानबाजी तक पहुंच गया है। इसी तरह राजस्थान में झगड़ा बरकरार है।

अब माकन-देवड़ा भिड़े

मुंबई के कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट कर केजरीवाल सरकार की तारीफ की, जिस पर दिल्ली के कांग्रेस नेता अजय माकन ने उन्हें जवाब दिया है। देवड़ा ने ट्वीट कर लिखा कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने पिछले पांच साल में राजस्व को दोगुना कर दिया है। अब ये 60 हजार करोड़ तक पहुंच गया है। इस पर माकन ने सीधे देवड़ा पर हमला बोला और कहा कि यदि देवड़ा को पार्टी छोडऩी है तो छोड़ सकते हैं, लेकिन आधे-अधूरे तथ्यों साझा नहीं करें। इससे पहले दिल्ली चुनाव में हार के तुरंत बाद कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के खिलाफ पूर्व राष्ट्रपति की पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी बयान दे चुकी हैं।

Congress delhi election 2020
Shadab Ahmed Reporting
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