25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Congress: एसआइआर के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस

-कांग्रेस के 12 राज्य के नेताओं की बैठक
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Shadab Ahmed khan

•

Updated: 19 Nov 2025, 12:47 PM IST

नई दिल्ली। कांग्रेस ने बिहार चुनाव में पराजय के बाद अब चुनाव आयोग के खिलाफ सडक़ पर उतरने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत दिसंबर के पहले सप्ताह में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) दिल्ली के रामलीला मैदान पर विशाल रैली से होगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग को यह साबित करना होगा कि वह भारतीय जनता पार्टी की छाया में काम नहीं कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा एसआइआर का इस्तेमाल हथियार के रूप में करने की कोशिश कर रही है और यदि आयोग इसकी उपेक्षा करता है तो उसकी भी संलिप्तता मानी जाएगी।

खरगे ने यह बातें 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारियों, राज्य इकाई प्रमुखों, कांग्रेस विधायक दल के नेताओं और सचिवों के साथ समीक्षा बैठक में कही। यह 12 राज्य वो है, जहां मतदाता सूचियों एसआइआर शुरू हो चुका है। बैठक में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, महासचिव सचिन पायलट, राजस्थान के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, मध्यप्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी, राजस्थान के प्रदेश अïध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधायक दल के नेता टीकाराम चौधरी समेत कई नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी.वेणुगोपाल और मीडिया-पब्लिसिटी विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने पत्रकारों से कहा कि रामलीला मैदान में एसआइआर के खिलाफ विशाल रैली में हम चुनाव आयोग के राजनीतिकरण का पर्दाफाश करेंगे।

टारगेट कर काट रहे नाम

खेड़ा ने कहा कि सभी का अनुभव यही है कि एसआइआर में टारगेट कर लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने जैसा बिहार में किया, वही नीति बाकी राज्यों में अपनाई जाएगी। हम बिहार चुनाव के पहले से सवाल उठा रहे हैं। हमने बिहार में वोटर अधिकार यात्रा भी निकाली थी और देश को बताया था कि एसआइआर में बहुत सारी गड़बडिय़ां हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट के 5 आदेश आए, जो कि चुनाव आयोग की बदनीयत को दिखाते थे।

5 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर

कांग्रेस ने देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया, जिसमें 5 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर इक_ा हुए हैं। ये पार्टी स्तर से चलाया जाने वाला अभियान रहा।

इधर, थरूर बैठक से गायब, मोदी की तारीफ

12 राज्यों की बैठक में केरल भी शामिल था। सांसद शशि थरूर को भी इस बैठक में बुलाया गया, लेकिन स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बैठक में नहीं पहुंचे। वहीं रामनाथ गोयनका लेक्चर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को थरूर ने सोशल मीडिया पर साझा किया। थरूर ने मोदी की जमकर तारीफ की, वहीं मोदी ने गुलामी की मानसिकता का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था।