नायडू ने कहा कि कांग्रेस हताशा के कारण प्रधानमंत्री पर सिर्फ बेबुनियाद आरोप लगा रही है। कोई भी उसके नेता राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं ले रहा है। यहां तक कि खुद कांग्रेस के लोग, उनके तथाकथित मित्र और सहयोगी भी उन्हें गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यही कारण है कि जो दल उनके साथ थे, उन्होंने कांग्रेस की ओर से नोटबंदी के मुद्दे पर बुलायी गयी बैठक में भाग नहीं लिया।