
राहुल गांधी और राशिद अल्वी (Photo - ANI)
पार्टी छोड़ने के बाद राहुल गांधी की कड़ी आलोचना करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद को नेतृत्व की कार्यप्रणाली के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का साथ मिला है। अल्वी ने रविवार को कहा कि शीर्ष नेतृत्व तक सीमित पहुंच ने पार्टी में कम्युनिकेशन गैप पैदा कर दिया है। कार्यकर्ता शिकायत करते हैं कि कांग्रेस आलाकमान से मिलना आसान नहीं है। अल्वी ने कहा कि उन्होंने शकील अहमद का बयान नहीं देखा है, लेकिन पार्टी में कोई ऐसा मंच नहीं है जहां मुद्दों पर चर्चा हो सके। यदि लोग अपनी चिंताएं व्यक्त करना चाहते हैं, तो वे कहां जाएं? हर कोई सीडब्ल्यूसी का सदस्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी व राजीव गांधी भी कार्यकर्ताओं से मिलने का समय निकालते थे। अल्वी ने पार्टी से कई मुस्लिम नेताओं के बाहर निकलने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मुस्लिम नेता सत्ता के लालच में आकर नहीं बल्कि मुस्लिम नेतृत्व की अनदेखी के कारण पार्टी छोड़ रहे हैं। यदि मुस्लिम नेतृत्व की अनदेखी होती रहेगी, तो ओवैसी जैसे नेता देश में शक्तिशाली ताकत बनते रहेंगे।
बिहार चुनाव के बाद कांग्रेस छोड़ चुके पूर्व मंत्री शकील अहमद ने राहुल गांधी की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए उन्हें डरपोक व अनसिक्योर नेता बताया था। उन्होंने रविवार को भी एक इंटरव्यू में कहा कि भाषण देने व भारतीयता से कनेक्ट करने में प्रियंका गांधी उनसे बेहतर हैं। अहमद ने कहा था कि राहुल फिल्टर्ड लोगों से मिलते हैं और अपने से वरिष्ठ व करिश्माई नेताओं के खिलाफ हैं। इसके लिए उन्होंने शशि थरूर, पी.चिदंबरम और सचिन पायलट का नाम लिया। उन्होंने कहा कि थरूर के चुनाव लड़ने की घोषणा के कारण ही राहुल ने मल्लिकार्जुन खरगे का नाम आगे किया।
राशिद अल्वी व शकील अहमद के बयानों पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने पार्टी व राहुल गांधी का बचाव किया है। टैगोर ने एक्स पोस्ट में कहा कि जयचंदों के बैच 2026 में आपका स्वागत है। टैगौर ने कहा कि अहमद और अल्वी अपने नए आकाओं को खुश करने और प्रासंगिक बने रहने के लिए विश्वासघातियों के समूह में शामिल हो गए हैं।
Published on:
26 Jan 2026 02:12 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
