Crime: दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने नौ लोगों के परिवार ने आत्महत्या की धमकी दी, क्योंकि अधिकारियों ने कथित तौर पर दहेज उत्पीड़न के कारण हुई उनकी बेटी की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया।
Crime: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां एक ही परिवार के नौ लोगों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में सामूहिक आत्महत्या करने की धमकी दी है। यह परिवार बेटी की मौत के बाद कथित रूप से दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होने से परेशान है। परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी ने दहेज उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या कर ली, लेकिन पुलिस कार्रवाई से बच रही है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करने का आश्वासन दिया है।
पुलिस मुख्यालय में परिवार समेत आत्महत्या करने की धमकी देने वाले बलवीर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी मार्च 2017 में हुई थी। उन्होंने कहा "उस समय, हमने उसकी शादी पर 15 लाख रुपये खर्च किए थे और दूल्हे के परिवार को 2 लाख रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, सोने-चांदी के गहने दिए थे। हमने दूल्हे को उनके नए घर के लिए फर्नीचर, फ्रिज और एक एयर कंडीशनर खरीदने के लिए 1.75 लाख रुपये नकद भी दिए थे। हमने उस परिवार की मांग पर इतनी बड़ी रकम दी थी।"
बलबीर ने पुलिस कमिश्नर को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया कि शादी के तुरंत बाद ही महिला के ससुराल वालों ने उसे और दहेज की मांग करते हुए नियमित रूप से परेशान करना शुरू कर दिया। बलवीर ने बताया "उन्होंने शादी के दौरान दिए गए सोने-चांदी के जेवर यह कहकर छीन लिए कि ये सुरक्षित रखने के लिए हैं। इसके बाद जनवरी के पहले हफ्ते में उसके ससुराल वालों ने उसपर दूसरी कार मांगने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब मेरी बेटी ने कहा कि हम इतनी कार नहीं खरीद सकते तो उन्होंने उसे गालियां देना शुरू कर दिया और शादी के लिए 5 लाख रुपये अतिरिक्त मांगे।"
मृतक महिला के पिता के अनुसार, अपने पति और उसके रिश्तेदारों के हाथों सालों तक दुर्व्यवहार और अपमान सहने के बाद उनकी बेटी ने 5 अप्रैल को अपनी ससुराल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। महिला के परिवार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से ही परिवार लगातार पुलिस से संपर्क कर रहा था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही थी। इससे परेशान होकर सोमवार को पूरा परिवार दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचा और आत्महत्या की धमकी दी। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब सभी प्रयास निष्फल हो गए, तब उन्होंने यह कदम उठाया। दूसरी ओर पुलिस ने कहा कि वे मामला दर्ज करने की प्रक्रिया में हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इंडियन एक्सप्रेस को बताया "हम क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर रहे हैं। परिवार ने लिखित बयान दिया है और उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि जांच प्रक्रिया में समय लग रहा था। इसीलिए एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई। मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।