
पत्थरबाजी के दौरान ड्रोन से ली गई तस्वीरें
Crime दिल्ली में कोर्ट के आदेश पर मस्जिद के पास स्थित अवैध निर्माण हटाने के लिए पहुंची एमसीडी की टीम और पुलिस पर भीड़ ने पथराव कर दिया। टीम अपने साथ 20 से अधिक बुलडोजर लेकर पहुंची थी। इस दौरान विरोध में इकट्ठा हुई भीड़ ने पुलिस का विरोध किया और पत्थरबाजी कर दी। इस पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। देर रात मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में अर्द्ध सैनिक बल तैनात करना पड़ा।
एमसीडी की टीम तुर्कमान गेट इलाके में रामलीला मैदान के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध घोषित किए गए बरात घर और एक दवा की दुकान को तोड़ने के लिए पहुंची थी। यहां 20 से अधिक बुलडोजर साथ लेकर रात के समय एमसीडी की टीम भारी पुलिस के साथ पहुंची तो विरोध हो गया। टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू की तो इकट्ठा भीड़ ने फोर्स पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने हल्का बल प्रयोग किया लेकिन इससे बात नहीं बनी। पांच पुलिसकर्मियों के घायल हो जाने के बाद में भीड़ को हटाने के लिए पुलिसकर्मियों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। भीड़ को हटाने के बाद टीम ने अपना काम जारी रखा। विरोध के बीच पुलिसकर्मियों के कदम पीछे नहीं हटे और फोर्स आगे बढ़ती गई। हालात को देखते हुए मध्य रात्रि इस क्षेत्र में आने वाली सभी रास्तों को बंद कर दिया गया।
सुबह तक अतिक्रमण हटाने वाली टीम ने लगभग अपना काम पूरा कर लिया। मामले की गंभीरता और मौके के हालातों को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस फोर्स के साथ अर्द्धसैनिक बल को तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्हे पथराव की उम्मीद नहीं थी। ड्रोन से की जा रही निगरानी की रिकार्डिंग के आधार पर अब बवालियों की पहचान की जा रही है। बवाल और पथराव करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ऐसा दिल्ली पुलिस का कहना है। मौके पर हालात काबू हैं। अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया है। इलाके में हालात सामान्य है एतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है।
दिल्ली हाइकोर्ट ने तुर्कमान गेट में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बने बरातघर और दवा की एक दुकान को अवैध निर्माण घोषित किया था। इसके बाद एमसीडी की टीम फोर्स के साथ यहां अतिक्रमण वाले निर्माण को ढहाने के लिए पहुंची थी। पहले इस कार्य को करने के लिए शाम आठ बजे का समय तय किया गया लेकिन टीम ने यह कार्य देर रात करीब डेढ़ बजे शुरू किया। टीम ने 20 से अधिक बुलडोजर के साथ एक हजार पुलिससकर्मी, 70 से अधिक डंपर और 150 से अधिक एमसीडी की कर्माचारी थे। ज्वाइंट सीपी मधुर वर्मा ने मीडियाकर्मियों को दिए एक बयान में कहा कि, अधिकांश उपद्रवी बाहरी लोग हैं। फुटेज के आधार पर पहचान की जा रही है। कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर टीम का विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि निर्माण 100 वर्षों से अधिक पुराना है। यह संपत्ति वक्फ की है।
Updated on:
07 Jan 2026 10:25 am
Published on:
07 Jan 2026 08:05 am
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