
भूख से बच्चियों की मौत: चौंकाने वाला सच आया सामने, मकान मालिक ने दिखाई थी हैवानियत
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक ही परिवार के तीन बच्चियों की भूख से हुई मौत ने सबको हिलाकर रख दिया है। अपने-आप को सुपर पावर बनाने की ओर अग्रसर इस देश में भूख से एक नहीं तीन बच्चियां मर जाए तो हम सब को शर्म आनी चाहिए। लेकिन इस मामले में जो चौंकाने वाला तथ्य अभी सामने आया है उससे साफ पता चल रहा है कि इंसानियत मर चुकी है। इस मामले में नया खुलासा हुआ है कि जिस मकान में अपने परिवार वालों के साथ तीनों बच्चियां रहती थी उस मकान मालिक ने परिवार समेत मंगल सिंह का सामान उठाकर घर से बाहर फेंक दिया था।
मकान मालिक ने मंगल सिंह की पिटाई की थी
आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस रात प्रीत विहार में मंगल सिंह (मृतक बच्चियों के पिता) का रिक्शा लूट लिया गया था वह फौरन भागते हुए अपने मकान मालिक के घर पहुंचा था। वहां पर पहुंच कर मंगल सिंह ने सारी बातें बताई। लेकिन आरोप यह है कि मकान मालिक पंकज ने मंगल सिंह की सहायता करने के बजाए बुरी तरह से पीटा था और बाद में कमरा खाली करने के लिए कह दिया था। इन सबके बीच जब शनिवार को मंगल सिंह किसी काम से बाहर निकला और जब वापस आया तो देखा कि उसकी पत्नी और बच्चे बाहर बारिश में भीगते हुए बैठे हुए हैं। उनके साथ घर का सामान भी बिखरा पडा है। जब मंगल सिंह ने यह सब देखा तो सीधे नारायण (मंगल सिंह का दोस्त) के पास पहुंचा। मंगल ने नारायण को सारी घटना विगतवार बताई। इसके बाद मंगल सिंह अपने परिवार के साथ नारायण के यहां रहने के लिए आ गए।
क्या है पूरा मामला
दरअसल जब मंगल अपने दोस्त नारायण के घर रहने के लिए आए तब उनके बच्चे भूख से विलख रहे थे। नारायण ने बताया कि करीब 25-30 वर्ष पहले मंगल से मुलाकात हुई थी और तब से उन दोनों के बीच दोस्ती हो गई। हालांकि मंगल कुछ समय बाद वापस अपने गांव पश्चिम बंगाल लौट गया था लेकिन 12 वर्ष बाद शादी करके फिर से दिल्ली लौट कर आया। तब उन्होंने ही मंगल को कमरा दिलाया था। लेकिन मंगल को धीरे-धीरे शराब की लत गई और फिर मंगल की पत्नी वीना मानसिक रुप से बीमार रहने लगी। इसके बाद मंगल के तीनों बच्चियां भी कुपोषण का शिकार हो गईं। शिखा और पारुल तो देखने में बेहद कमजोर लगने लगी। धीरे-धीरे बच्चियों की तबीयत बेहद खराब हो गई। इस तरह से बच्चियों ने भोजन के अभाव में तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। बता दें कि इस घटना के बाद राजधानी में सियासत शुरू हो गई। हर पार्टी अपनी-अपनी रोटियां सेंकने के लिए मंगल के घर में पहुंचने लगे। लेकिन जब उस परिवार को भोजन की दरकार थी तब किसी के पास भी समय नहीं था।
Published on:
27 Jul 2018 05:02 pm
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