
दिल्ली के करोल बाग में गरजा बुलडोजर।
Delhi Bulldozer Action: दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर बुलडोजर एक्शन शुरू हो चुका है। इस बार सरकार ने करोल बाग स्थित झंडेवालान मंदिर के पास अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की है। भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे बुलडोजरों को देखकर स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद बुलडोजर एक्शन पर विरोध जताने वाले लोगों का मौके पर जमावड़ा लग गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया, लेकिन स्थानीय निवासियों ने इसे अतिक्रमण पर नहीं, बल्कि उन्हें सड़क पर लाने वाली कार्रवाई कहा। दूसरी ओर, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि लोगों को इसकी सूचना पहले दे दी गई थी और भूखंडों को खाली करने के लिए कहा गया था।
करोल बाग के झंडेवालान मंदिर के पास अवैध अतिक्रमण पर चल रहे बुलडोजर के बीच एक 60 साल की बुजुर्ग महिला का दर्द छलक पड़ा। सड़क किनारे बैठी बुजुर्ग महिला ने HT से कहा "मैं पिछले 60 साल से यहां रह रही हूं। यहीं मेरा और मेरे बच्चों का जन्म हुआ। शादी-विवाह भी यहीं संपन्न हुए। हमारी तो पूरी जिंदगी यहां पर ही बीती है और अब हम सड़क पर आ गए हैं। हमें समझ नहीं आ रहा कि अब हम कहां जाएं।" इसके अलावा स्थानीय निवासियों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि जब तक सभी लोगों का पुनर्वास नहीं हो जाता, तब तक किसी को भी बेघर न किया जाए।
रिपोर्ट के अनुसार, करोल बाग के डंझेवालान मंदिर के पास जिस झुग्गी बस्ती पर दिल्ली नगर निगम ने बुलडोजर चलाया है, वहां करीब 370 मजदूर परिवार रहते थे। इन परिवारों का दावा है कि वो यहां लगभग 60 साल से रहते हैं। पिछले महीने दिल्ली नगर निगम की ओर से इन्हें बेदखली नोटिस मिले थे। हालांकि सरकार ने चुनाव के दौरान दावा किया था कि किसी को भी बेघर नहीं किया जाएगा। झुग्गी बस्ती के रूप में अवैध अतिक्रमण को हटाया जरूर जाएगा, लेकिन वहां रहने वाले लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। झंडेवालान के पास झुग्गी बस्ती में पात्र मिले 189 परिवारों को भी नरेला में सरकार ने फ्लैटों में स्थानांतरित किया है।
Updated on:
29 Nov 2025 02:05 pm
Published on:
29 Nov 2025 02:05 pm
