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सर! कृपया तुरंत हस्तक्षेप करें…दिल्ली में सीएम पद की उम्मीदवार रहीं किरण बेदी ने प्रदूषण के बताए 5 कारण

Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है। AQI कई जगह 400-500 के पार है। इसी स्थिति पर पूर्व IPS और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरन बेदी ने चिंता जताते हुए PMO से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की।

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नई दिल्ली

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Vishnu Bajpai

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Harshita Saini

Nov 28, 2025

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दिल्ली में प्रदूषण पर किरण बेदी ने पीएमओ से हस्तक्षेप की मांग की।

Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। इस वजह से अब यह सिर्फ एक डेटा नहीं रह गया है, वहां के लोगों की सहत के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है। दिल्ली का एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में आ चुका है। इसी के चलते दिल्ली का प्रदूषण एक परेशानी बना हुआ है और लागातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बढ़ते प्रदूषण को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरन बेदी ने दिल्ली के प्रदूषण पर तुरंत एक्‍शन के लिए पीएमओ से गुहार लगाई है। अपने सोशल मीडिया 'X' अकाउंट पर उन्होंने दिल्ली के प्रदूषण की महामारी से तुलना करते हुए चिंता जताई है और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

किरण बेदी ने प्रदूषण की समस्या के गिनाए पांच कारण

भाजपा नेत्री किरण बेदी ने जहां दिल्ली में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण पर पीएमओ से हस्तक्षेप की मांग की है, वहीं उन्होंने ऐसे पांच कारण भी बताए हैं, जिससे प्रदूषण की समस्या का स्‍थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। किरण बेदी ने दिल्ली में प्रदूषण की समस्या का पहला कारण बताते हुए लिखा "भारत में वायु प्रदूषण का संकट हर साल दोहराया जाता है, क्योंकि सरकारें मूल कारणों का समाधान करने के बजाय स्मॉग टावरों और सम-विषम नियमों जैसे त्वरित, अस्थायी समाधानों पर निर्भर रहती हैं।"

किसी एजेंसी के पास पूर्ण अधिकार नहीं

किरण बेदी ने इस मामले में दूसरा बड़ा कारण खंडित शासन को बताया। उन्होंने लिखा "खंडित शासन में कई एजेंसियां जिम्मेदारी साझा करती हैं, लेकिन किसी के पास पूर्ण अधिकार नहीं होता। यह प्रदूषण की समस्या पर समन्वित, दीर्घकालिक कार्रवाई को रोकता है।" तीसरा कारण बताते हुए उन्होंने आगे लिखा "वाहन, उद्योग, निर्माण धूल और फसल जलाने जैसे प्रमुख उत्सर्जन स्रोत कमजोर प्रवर्तन और सीमित संसाधनों के कारण ठीक से विनियमित नहीं हैं।"

राजनीतिक प्रोत्साहन को भी बताया जिम्मेदार

किरण बेदी ने चौथा कारण बताते हुए लिखा "अल्पकालिक राजनीतिक प्रोत्साहन संरचनात्मक सुधारों पर भारी पड़ते हैं, क्योंकि स्थायी समाधानों के लिए समय, धन और राजनीतिक जोखिम की आवश्यकता होती है, जिससे नेता अक्सर बचते हैं।" पांचवे कारण में उन्होंने वास्तविक प्रगति के लिए प्रणालीगत परिवर्तन की आवश्यकता बताते हुए लिखा "वायु-गुणवत्ता प्रबंधन के लिए एक एकीकृत प्राधिकरण, मजबूत निगरानी, ​​स्वच्छ ऊर्जा और परिवहन में दीर्घकालिक निवेश के साथ बेहतर अंतर-राज्यीय समन्वय का होना जरूरी है। इसीलिए भारत सरकार और अन्य शीर्ष नेतृत्व के इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता है।"

    किरन बेदी ने दिल्ली के प्रदूषण पर क्या कहा?

    किरन बेदी ने अपने सोशल मीडिया 'X' अकाउंट पर दिल्ली की हवा को बेहद खराब बताया। उन्होंने कहा कि इंदिरापुरम इलाके में AQI 587 तक पहुंच गया, जो हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार 'गंभीर श्रेणी से भी ऊपर' माना जाता है। किरन बेदी ने पोस्ट में लिखा "यह बहुत तकलीफ देने वाला और डिप्रेसिंग है। PMO सर, कृपया तुरंत हस्तक्षेप करें।" एक दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा "यह प्रदूषण अब महामारी जैसे हालात पैदा कर रहा है और इसके लिए बड़े स्तर पर को-ऑर्डिनेशन और एक्शन की जरूरत है।" उन्होंने यह भी सलाह दी कि प्रदूषण से निपटने के लिए कोविड-19 की तरह सिस्टमैटिक और गंभीर स्ट्रैटजी अपनाई जानी चाहिए।

    दिल्ली में प्रदूषण से लोगों को तकलीफ

    दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर और चिंताजनक बनी हुई है। AQI का लेवल लगातार बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। कहीं एक्यूआई 400 के पार है, तो कुछ क्षेत्रों में तो 450 से भी ज्यादा है। इस लेवल का प्रदूषण सेहत के लिए बहुत खतरनाक है। लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।इसे नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत एक्शन लिए हैं, लेकिन स्थिति में कुछ खास सुधार नहीं देखा जा रहा है।

    PMO की सख्त कार्रवाई की तैयारी

    दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए PMO में 25 नवंबर को एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए तेज और सख्त एक्शन पर चर्चा की गई। बैठक में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर डिपेंडेंसी कम करने और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने, चार्जिंग स्टेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने की बात पर जोर दिया गया। सरकार ने यह भी बताया कि दिल्ली-NCR में अभी भी लगभग 37% वाहन पुराने BS-I और BS-III श्रेणी के हैं, जो प्रदूषण का बड़ा कारण हैं। ऐसे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया गया है।

    कौन हैं किरन बेदी?

    किरन बेदी पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल के पद पर रह चुकी हैं और दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार भी रही हैं। वह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल होने वाली पहली महिला अधिकारी थी। पुलिस सर्विस से रिटायर होने के बाद वह सामाजिक कार्यों में जुट गई थी। वह अन्ना हजारे के एंटी करप्शन आंदोलन की भी हिस्सा रही थीं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 2015 में बीजेपी के साथ की थी।