
दिल्ली में नवजात की हत्या में 26 साल की मां गिरफ्तार।
Delhi Crime: दिल्ली में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। दक्षिणी-पश्चिमी दिल्ली के एक रिहायशी इलाके में एक 26 साल की मां ने घर के बाथरूम में शिशु को जन्म दिया। इसके तुरंत बाद उसका गला घोटकर उसकी हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक बैग में भरकर घर के बाहर कूड़ेदान में फेंक दिया। कूड़ा बीनने वाली महिला की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस जांच में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई।
पुलिस ने बताया गुरुवार को इस मामले में 26 साल की मां को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ ने उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। दरअसल, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के एक रिहायशी इलाके में एक घरेलू सहायिका गर्भवती थी, लेकिन उसने इस बात की जानकारी अपने मकान मालिक को भी नहीं दी। बीती 26 जुलाई को जब उसके मकान मालिक परिवार समेत एक पार्टी में शामिल होने गए थे, तभी घरेलू सहायिका को लेबर पेन शुरू हो गया। इस दौरान उसने घर के बाथरूम में एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
महिला ने पुलिस को बताया कि लोकलाज के डर से उसने तुरंत बच्चे का गला घोट दिया। महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी साल 2019 में हुई थी, लेकिन साल 2021 में पति से उसका तलाक हो गया। इसके बाद वह अकेली रह रही थी और 2023 से दिल्ली में एक परिवार के यहां घरेलू सहायिका के तौर पर काम कर रही थी। पुलिस ने बताया कि महिला नवंबर 2024 में अपने गांव गई थी, जहां उसकी मुलाकात उसके पूर्व परिचित पुरुष से हुई। इस दौरान दोनों ने शारीरिक संबंध बनाए और 25 नवंबर को महिला दिल्ली लौट आई। दिल्ली लौटने के बाद चार महीने बाद उसे गर्भवती होने का पता चला। इसपर उसने अपने पूर्व परिचित पुरुष साथी से बात की तो उसने महिला को अपनाने से इनकार कर दिया।
पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई को जब घर के मालिक और उनके परिवार के सदस्य एक पार्टी में शामिल होने गए हुए थे, तब महिला ने बाथरूम में अकेले ही बच्चे को जन्म दिया। सामाजिक कलंक और पारिवारिक दबाव के डर से महिला ने कथित तौर पर नवजात का गला घोंट दिया और उसके सिर पर वार किया। इसके बाद महिला ने शव को एक सफेद कपड़े में लपेटकर प्लास्टिक बैग में डाला और उसे घर के पास स्थित कूड़ेदान में फेंक दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से बताया कि बच्चे की मौत का कारण दम घुटना और खोपड़ी पर लगी गंभीर चोटें थीं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को महिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की धाराओं 103(1) (हत्या) और 238(ए) (साक्ष्य मिटाने) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। फिलहाल आरोपी महिला को वन-स्टॉप सेंटर में रखा गया है, जहां उससे आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। यह मामला समाज में मानसिक स्वास्थ्य, अकेली महिलाओं की समस्याएं और अनचाहे गर्भ के मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
Updated on:
08 Aug 2025 12:56 pm
Published on:
08 Aug 2025 12:55 pm
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