
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भीषण कार हादसा
Haridwar Family Trip Crash: पुलिस और पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मूल रूप से सोनीपत के रहने वाले और पिछले 5 सालों से बहादुरगढ़ में रह रहे इस परिवार के कुल 13 सदस्य शुक्रवार को दो अलग-अलग गाड़ियों में सवार होकर हरिद्वार के लिए निकले थे। जून के मध्य में ही इस यात्रा की तारीखें तय हो चुकी थीं और होटल की बुकिंग भी हो गई थी। सब कुछ उनकी परंपरा के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से चल रहा था, लेकिन एक्सप्रेसवे पर मौत उनका इंतजार कर रही थी।
हादसे का शिकार हुई पहली कार में परिवार के 7 सदस्य सवार थे, जबकि बाकी लोग दूसरी कार में थोड़ा पीछे चल रहे थे। मृतक सुदेश देवी के बेटे सत्यदेव ने रोते हुए बताया कि हम दोपहर 12 बजे घर से निकले थे। करीब 3 बजे मेरे पास भाभी का फोन आया कि उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है। जब तक हम मौके पर पहुंचे, उन्हें अस्पताल ले जाया जा चुका था। हमारी मंजिल (हरिद्वार) वहां से सिर्फ एक घंटे की दूरी पर थी।'
पुलिस ने मृतकों की पहचान शिवांश (8 वर्ष), उसकी दादी सुदेश देवी ( 65 वर्ष), चाचा प्रवीण ( 42 वर्ष) और चाची प्रीति (33 वर्ष) के रूप में की है। हादसे में मारे गए प्रवीण और प्रीति के दो बच्चे 10 और 13 वर्ष खुशनसीबी से दूसरी कार में सवार थे और सुरक्षित हैं। सत्यदेव ने सुबकते हुए बताया कि वे मासूम श्मशान घाट पर मेरे साथ खड़े थे और अपने माता-पिता के शवों को देख रहे थे।
प्रवीण के भाई जयदेव अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, वे गहरे सदमे में हैं और सीटी स्कैन के बाद भी उनकी हालत स्थिर नहीं है। जयदेव को अभी यह भी नहीं बताया गया है कि इस हादसे में उनके 8 साल के बेटे शिवांश की मौत हो चुकी है। घायल होने वालों में एक 2 साल का मासूम भी शामिल है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहारहादसे में मारे गए प्रवीण और घायल जयदेव मिलकर बहादुरगढ़ में ट्रांसपोर्ट का बिजनेस चलाते थे। पूरा संयुक्त परिवार (Joint Family) आर्थिक रूप से इन्हीं दोनों भाइयों पर निर्भर था। परिवार में 4 से 5 छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से अब बड़ों का साया उठ चुका है।
Updated on:
29 Jun 2026 02:52 pm
Published on:
29 Jun 2026 02:37 pm
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