
Arvind Kejriwal: दिल्ली के द्वारका स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल ने बढ़ाई गई सालाना फीस जमा नहीं करने पर लगभग 30 बच्चों को स्कूल से निकाल दिया। दूसरी ओर अभिभावकों का कहना है कि वे शिक्षा निदेशालय की ओर से स्वीकृत 93400 रुपये की सालाना फीस किश्तों में दे रहे हैं। जबकि स्कूल ने उनसे 195000 रुपये फीस मांगी थी। यह मामला सीएम रेखा गुप्ता की अगुवाई में निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी रोकने के लिए बनाए गए मसौदा विधेयक के बाद सामने आया है।
दरअसल, बीते दिनों दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी के खिलाफ सैकड़ों अभिभावकों ने सीएम गुप्ता से मुलाकात की थी। अभिभावकों की शिकायतों पर सीएम रेखा गुप्ता ने निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने का वादा किया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों में मनमानी फीस बढ़ोतरी रोकने के लिए एक मसौदा विधेयक भी तैयार किया। जिसे दिल्ली सरकार की कैबिनेट से मंजूरी भी मिल गई। इस मसौदा विधेयक में स्कूल, जिला और राज्य स्तर पर शुल्क नियामक समितियां स्थापित करने की बात कही गई है। इसके साथ ही छात्रों को अलग करने या प्रवेश करने से रोकने पर स्कूलों पर 50000 रुपये जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
दिल्ली के द्वारका स्थित डीपीएस में 30 बच्चों की एंट्री बैन होने पर अभिभावकों में आक्रोश फैल गया। एक अभिभावक दिव्या मत्ते ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया "काफी समय तक स्कूल प्रबंधन से बातचीत करने के बाद किसी हम मंगलवार को किसी तरह अपने बच्चे को स्कूल के अंदर कर पाए थे, लेकिन थोड़ी ही देर बाद मेरे बच्चे को तुरंत कक्षा छोड़ने के लिए कह दिया गया। जब मेरे बच्चे ने कक्षा से बाहर जाने के लिए मना किया तो अध्यापिका ने जबरन उसे कक्षा से बाहर कर दिया। इसके बाद फिर उसे स्कूल बस में बैठाया गया और दो घंटे बाद छोड़ दिया गया। जबकि हम सभी अभिभावक स्कूल के बाहर मौजूद थे। फिर भी इस घटनाक्रम की सूचना हमें नहीं दी गई।"
वहीं एक दूसरी अभिभावक पिंकी पांडेय ने बताया "डीपीएस प्रबंधन लगातार डीओई यानी शिक्षा निदेशालय के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहा है। स्कूल ने अप्रैल से शिक्षा निदेशालय से स्वीकृत अधिकृत शुल्क लेना बंद कर दिया और बाद में अभिभावकों पर गैर भुगतान का आरोप लगा दिया। हमने अप्रैल और मई के चेक जमा किए, लेकिन स्कूल ने उन्हें जमा नहीं दिखाया। साथ ही यह दावा किया कि हमने भुगतान किया ही नहीं है। इसके बाद हमारे बच्चों के नाम भी काट दिए। मेरी बेटी को एक बस में बैठा दिया गया और हमें घंटों तक इसकी सूचना नहीं दी गई। कई घंटे बाद हमें हमारी बच्ची के बारे में पता चला।"
द्वारका स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के खिलाफ मनमानी की सूचना मिलने पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल रेखा सरकार पर जमकर बरसे। अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया 'X' अकाउंट पर लिखा "AAP के समय में ऐसा कभी नहीं होने दिया गया…कोई भी स्कूल छात्रों को निकाल नहीं सकता था। AAP सरकार हमेशा छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा के लिए खड़ी रही।"
अरविंद केजरीवाल के इस वक्तव्य को रेखा सरकार पर सियासी हमले के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली की जनता के लिए सेवा, समाधान और समर्पण की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा “आज जनसुनवाई के दौरान दिल्ली की जनता की समस्याओं एवं सुझावों को हमने सुना है। इसके साथ ही अधिकारियों को उसके त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का दिशा-निर्देश दिया गया है।
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Updated on:
14 May 2025 01:19 pm
Published on:
14 May 2025 01:19 pm
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