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दिल्ली सरकार का बड़ा तोहफा; मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में बनेंगे दो नए हॉस्टल, ₹573 करोड़ मंजूर

Delhi government: मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में 573 करोड़ की लागत से बनेंगे दो नए हॉस्टल। दिल्ली सरकार ने दी मंजूरी। छात्रों को मिलेगी आधुनिक सुविधाएं।

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दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता

राजधानी दिल्ली में मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (EFC) की बैठक में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) के परिसर के भीतर दो नए अत्याधुनिक हॉस्टल ब्लॉकों के निर्माण के लिए 573.41 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को आधिकारिक मंजूरी प्रदान की गई है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल मेडिकल छात्रों को रहने के लिए बेहतर और सुरक्षित आवासीय सुविधाएं प्राप्त होंगी, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नया जीवन मिलेगा।

इस विशाल परियोजना के अंतर्गत कॉलेज कैंपस में छात्राओं और छात्रों के लिए अलग-अलग आवासीय ब्लॉक निर्मित किए जाएंगे। वित्तीय योजना के अनुसार, छात्राओं के हॉस्टल का निर्माण 'साइट-A' पर किया जाएगा, जिस पर लगभग 269.19 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। वहीं दूसरी ओर, 'साइट-B' पर छात्रों के लिए एक भव्य हॉस्टल ब्लॉक तैयार किया जाएगा, जिसके निर्माण में करीब 304.22 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन दोनों ही नवनिर्मित इमारतों को आधुनिक वास्तुकला के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा, जिनमें सुविधायुक्त बेसमेंट और एक मजबूत सुपर-स्ट्रक्चर शामिल होगा, ताकि छात्रों को पढ़ाई के लिए एक शांतिपूर्ण और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।

प्रवेश संख्या बढ़कर 250 तक

दरअसल, MAMC में नए हॉस्टल के निर्माण की आवश्यकता पिछले कई वर्षों से महसूस की जा रही थी, क्योंकि संस्थान में छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। एक समय था जब यहां प्रतिवर्ष लगभग 150 छात्रों का प्रवेश होता था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 250 तक पहुंच चुकी है, जिसके कारण मौजूदा आवासीय सुविधाएं काफी कम पड़ने लगी हैं। कॉलेज के वर्तमान हॉस्टल 1965 से 1982 के बीच बनाए गए थे और दशकों पुरानी होने के कारण इन इमारतों की हालत अब जर्जर हो चुकी है। छात्रों की बढ़ती संख्या के कारण कई विद्यार्थियों को एक ही कमरे में रहने के लिए विवश होना पड़ रहा है, जबकि कई को हॉस्टल की सुविधा मिल ही नहीं पा रही है। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने इन नए हॉस्टल्स के निर्माण का निर्णायक फैसला लिया है।

30 महीनों में निर्माण कार्य को पूरा किया जाएगा

परियोजना की समयसीमा और कार्यान्वयन की बात करें तो इसे कुल 36 महीनों के भीतर पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के अनुसार, शुरुआती 6 महीने विस्तृत प्लानिंग और आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी मंजूरियों को हासिल करने के लिए रखे गए हैं। इसके पश्चात, अगले 30 महीनों में निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही सभी प्रशासनिक और वित्तीय औपचारिकताएं पूर्ण हो जाएंगी, उसके ठीक छह महीने के भीतर ही धरातल पर निर्माण कार्य का श्रीगणेश कर दिया जाएगा, जिससे आने वाले समय में देश के भविष्य बनने वाले इन मेडिकल छात्रों को एक बेहतर आशियाना मिल सके।