
डीएसईयू लाइटहाउस सेंटर में छात्रों की अप-स्किलिंग को मजबूत करते हुए दिया जा रहा है प्रशिक्षण। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने मलकागंज में शुरू किया नया सेंटर।
डीएसईयू लाइसहाउस सेंटर के जरिए दिल्ली सरकार की तरफ से निम्न आय वर्ग के छात्रों को जॉब ओरिएंटेड स्किल एजुकेशन उपलब्ध कराई जाएगी। इन केंद्रों में युवाओं को करियर संबंधित सॉफ्ट स्किल्स व ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही उन्हें डीएसईयू में भी दाखिला दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार की तरफ से पटपड़गंज और मटिया महल में भी जल्द ही दो निए ऐसे ही केंद्र शुरू करने की योजना है।
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने मलकागंज के केंद्र को शुरू किया। उन्होंने कहा कि डीएसईयू के लाइटहाउस सेंटर में 18-30 वर्ष की आयु के बीच के युवाओं के लिए हाई-क्वालिटी वाले शार्ट-टर्म वोकेशनल स्किल कोर्स के साथ-साथ रोजगार के ढेर सारे अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि डीएसईयू देश की पहली यूनिवर्सिटी है, जो युवाओं के घरों तक पहुंच कर उन्हें दाखिला दे रही है और कम आय वर्ग के क्षेत्रों में जाकर युवाओं के कौशल को बढ़ावा दे रही है।
वर्ल्ड-क्लास स्किल और प्रोफेशनल डेवलपमेंट पर फोकस
सिसोदिया ने कहा कि कोरोना के बाद देशभर में करोड़ों लोगों ने अपनी नौकरियां गवाई है। दिल्ली में भी युवाओं को नौकरियों की जरुरत है इसके देखते हुए दिल्ली के युवाओं को वर्ल्ड-क्लास स्किल, प्रोफेशनल डेवलपमेंट व जॉब ओरिएंटेड स्किल्स देना जरुरी है। मलकागंज का ये लाइटहाउस इसी दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा कि आज ग्रेजुएशन करने के बाद भी युवा जॉब्स के लिए भटकते रहते है लेकिन इस कोर्स के बाद कंपनी खुद आकर युवाओं को जॉब देगी| उन्होंने कहा कि युवा कोर्स करके नौकरी भी कर सकते या अपने ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी पूरी कर सकते है।
लाइटहाउस से मिलेगी सफलता की नई राह
सिसोदिया ने कहा कि यह लाइट हाउस युवाओं को सही राह दिखाएगा। अगर युवा ठान लें और कड़ी मेहनत करें तो यह लाइटहाउस उन्हें सफलता की राह से हटने नहीं देगा। उन्होंने कहा कि डीएसईयू लाइटहाउस युवाओं को उनके पसंद के कौशल में सोचना और प्रशिक्षित करना सिखाएगा। सिसोदिया ने कहा कि आज बच्चे 12वीं पास करने के बाद जब कॉलेज में जाते हैं तो उन्हें आसानी से एडमिशन नहीं मिलता लेकिन दिल्ली सरकार ने ऐसा अनूठा प्रोग्राम बनाया है जहां दिल्ली स्किल एंड एंत्रप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी, झुग्गी-झोपडी में जाकर वहां के बच्चों को एडमिशन देगी। ये देश के इतिहास में पहली बार होगा जब एडमिशन लेने के लिए बच्चे यूनिवर्सिटी नहीं जाएंगे बल्कि यूनिवर्सिटी खुद बच्चों के पास जाकर उन्हें एडमिशन देगी।
युवाओं की अप-स्किलिंग को मजबूत करेगा यह प्रोग्राम
लाइटहाउस प्रोग्राम की मदद से डीएसईयू युवाओं को हाई-क्वालिटी शार्ट-टर्म वोकेशनल कोर्सेज के साथ-साथ रोजगार के ढेर सारे अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस कार्यक्रम में छात्रों में लाइफ स्किल्स डेवलप करने पर जोर दिया जाएगा। जहां सेल्फ-ट्रांसफॉर्मेशन पर आधारित फाउंडेशन कोर्स के माध्यम से छात्रों को करियर व जीवन संबंधित गाइडेंस दी जाएगी। साथ ही इंडस्ट्री एक्सपोजर के मौके भी दिए जाएंगे। फाउंडेशन कोर्स, क्रिएटिव एक्टिविटीज के साथ आर्ट बेस्ड करिकुलम पर आधारित होगा जो छात्रों में कार्यस्थल दक्षताओं और माइंडफुलनेस विकसित करेगा। स्पोकन इंग्लिश व डिजिटल लिटरेसी इस फाउंडेशनल स्किलिंग प्रोग्राम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। यहां छात्रों को एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनेंसियल एकाउंटिंग व टैली, नर्सिंग, फिटनेस ट्रेनर, आईटी से संबंधित विभिन्न शार्ट व लॉन्ग टर्म कोर्स ऑफर किए जाएंगे। ये सभी कोर्सज डीएसईयू द्वारा सर्टिफाइड होंगे। मलकागंज में डीएसईयू लाइटहाउस का लक्ष्य अगले 2 वर्षों में आसपास के स्लम क्लस्टर के 1200 से अधिक युवाओं की अपस्किलिंग करना है।
8 ट्रेनिंग रूम है केंद्र में शामिल
डीएसईयू लाइटहाउस सेंटर, मलकगंज में स्टेट-ऑफ-आर्ट सुविधाओं से लैस 8 ट्रेनिंग रूम शामिल हैं। इसमें 2 ओपन क्लासरूम, एक रिटेल-कोर्स क्लास, मेकअप स्किल क्लास, साथ-साथ, काउंसलिंग रूम, विडियो-कांफ्रेंसिंग रूम, सेल्फ-लीर्निग स्पेस व 20 से ज्यादा कंप्यूटर व इंटरनेट से लैस एल टेक-हब शामिल होगा। यहां कालकाजी व आसपास के लो इनकम ग्रुप के 600 से ज्यादा युवाओं को हर साल लाइफ स्किल्स, टेक्निकल ट्रेनिंग देकर रोजगार के अवसरों तक पहुँचाने में मदद करेगा।
Published on:
21 Jul 2022 08:18 pm
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