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Delhi: स्कूलों के छात्रों की क्यूरेट की गईं 30 ई-मैगजीन को दिल्ली सरकार ने किया लॉन्च, छात्रों ने UN के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल पर भी रखे विचार

दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने हाल ही में अपने स्कूलों के छात्रों द्वारा क्यूरेट की गईं 30 ई-पत्रिकाओं को लॉन्च किया है। यह सभी पत्रिकाएं 30 अलग-अलग स्कूलों से संबंधित हैं और एक ऐसी प्रक्रिया स्थापित करने पर फोकस करती हैं जहां बच्चे खुद स्टूडेंट्स मैगजीन तैयार करने के साथ-साथ सामाजिक और शैक्षिक महत्व के मुद्दों पर भी अपने विचार रख सके।

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Delhi: सरकारी स्कूलों के छात्रों की क्यूरेट की गईं 30 ई-मैगजीन को दिल्ली सरकार ने किया लॉन्च, छात्रों ने सोशल व एजुकेशन के मुद्दों पर रखे विचार

दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के डायरेक्टर हिमांशु गुप्ता की उपस्थित में सरकारी स्कूलों के छात्रों द्वारा क्यूरेट की गईं 30 ई-पत्रिकाओं को किया गया लॉन्च।

दिल्ली सरकार के अनुसार दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों एक्सपोजर देने, लीक से हटकर सोचने और उन्हें वैश्विक मुद्दों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार नए इनोवेटिव आइडियाज को अपना रही है। छात्रों की ई-पत्रिकाओं का लॉन्च इन्हीं आइडियाज में से एक है। ई-मैगजीन में संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल (एसडीजी) का एक अनूठा तत्व है। इसमें विशेष रूप से क्वालिटी एजुकेशन और लैंगिक समानता पर खास जोर दिया गया है। साथ ही राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करने के साथ-साथ स्टूडेंट्स ने इन पत्रिकाओं में एसडीजी पर अपनी राय भी साझा की है।

दिल्ली सरकार अपने स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को एक्सपोजर देने, लीक से हटकर सोचने और उन्हें वैश्विक मुद्दों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार नए इनोवेटिव आइडियाज को अपना रही है। इसी मद्देनजर, शिक्षा निदेशालय ने हाल ही में अपने स्कूलों के छात्रों द्वारा क्यूरेट की गईं 30 ई-पत्रिकाओं को लांच किया। यह सभी पत्रिकाएं 30 अलग-अलग स्कूलों से संबंधित हैं और एक ऐसी प्रक्रिया स्थापित करने पर फोकस करती हैं जहां बच्चे खुद स्टूडेंट्स मैगजीन तैयार करने के साथ-साथ सामाजिक और शैक्षिक महत्व के मुद्दों पर भी अपने विचार रख सके।

ई-मैगजीन के जरिए छात्र अपनी क्रिएटिविटी को कर सकेंगे डॉक्यूमेंटेड

इस अवसर पर डिप्टी सीएम व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि स्कूल एक ऐसी जगह है जहां छात्रों को जिंदगी जीने की लर्निंग मिलती है। एक सरकार के रूप में, यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम ऐसी पहल को बढ़ावा दे जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायता करें और उन्हें भविष्य के लिए विजन प्रदान करें। उन्होंने कहा कि हमारे सामने सबसे बड़ा काम यह है कि हम अपने छात्रों को भावनात्मक रूप से मजबूत होने के लिए तैयार करें और उन्हें उस दुनिया के लिए तैयार करें जो टेक्नोलॉजी के कारण तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रही है। ई-मैगजीन के माध्यम से छात्रों को अपनी प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ अपने विचारों, उपलब्धियों और क्रिएटिविटी को डॉक्यूमेंटेड करने के अवसर मिलेंगे। ई-पत्रिकाओं के लॉन्च के अवसर पर शिक्षा विभाग के डायरेक्टर हिमांशु गुप्ता उपस्थित रहे।

ई-मैगजीन में संयुक्त राष्ट्र के विजन को है समझने का तरीका

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि स्कूल ई-मैगजीन में एसडीजी को शामिल करना संयुक्त राष्ट्र के विजन को समझने का एक तरीका है। इन लक्ष्यों को समझना हमारे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमारे छात्रों को वैश्विक चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है और उन्हें दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए प्रेरित करता है। पत्रिका का उद्देश्य एक ऐसी प्रक्रिया शुरू करना है जहां स्टूडेंट्स एसडीजी के मूल्य और उद्देश्यों के प्रति जागरूक हो सकें तथा अपने इनपुट दे सकें| आगे जाकर समाज और दुनिया में सुधारात्मक परिवर्तन लाने के लिए उनके इनपुट महत्वपूर्ण साबित होंगे। सरकार के अनुसार इस ई-मैगजीन का उद्देश्य एक ऐसा लर्निंग प्रोसेस शुरू करना है जहां स्टूडेंट्स अपनी छिपी क्षमता का एहसास करें और विश्व स्तर पर सोचने का प्रयास करे। मैगजीन बनाने की प्रक्रिया के दौरान, स्टूडेंट्स ने एक एडवाइजरी बोर्ड और संपादकीय बोर्ड बने तथा कई भूमिकाओं में सक्रिय भागीदारी निभाई| इस प्रक्रिया के माध्यम से, स्टूडेंट्स अपने विचारों को व्यक्त करके अपनी क्षमता और रचनात्मकता का प्रदर्शन करने में और अधिक सक्षम हुए। सरकार की योजना अगले चरण में ई-मैगज़ीन की इस पहल को दिल्ली सरकार के 30 अन्य स्कूलों में ले जाने की है।