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सिम तोड़कर बचना चाहता था आरोपी, होटल के Wi-Fi ने खोल दी पोल, इंस्टाग्राम चलाने की गलती से पकड़ा गया शातिर आरोपी

IRS Officer Daughter Case: दिल्ली में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या के मामले ने हर किसी को चौंका दिया था। अपराधी चाहे कितनी भी सावधानी बरत ले, वह अनजाने में कुछ ऐसे निशान छोड़ ही देता है जो उसे सलाखों के पीछे पहुंचा देते हैं। इस केस में आरोपी राहुल मीणा की गिरफ्तारी भी उसकी इन्हीं तकनीकी गलतियों का नतीजा थी। आइए समझते हैं कि दिल्ली पुलिस ने 'डिजिटल फुटप्रिंट्स' का पीछा करते हुए उसे कैसे दबोचा।

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IRS Officer Daughter Case: अपराध करने के बाद अपराधी चाहे कितनी भी चतुराई दिखा ले, वह अनजाने में कुछ ऐसे डिजिटल फुटप्रिंट्स छोड़ ही देता है जो उसकी गिरफ्तारी का आधार बनते हैं। दिल्ली में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या के मामले में आरोपी राहुल मीणा ने खुद को बचाने के लिए अपना सिम कार्ड तोड़ दिया और एक चोरी के मोबाइल का इस्तेमाल शुरू किया, ताकि पुलिस उसे ट्रैक नहीं कर सके। लेकिन उसकी सबसे बड़ी चूक तब हुई जब उसने फरारी के दौरान एक होटल के वाई-फाई से कनेक्ट होकर अपना इंस्टाग्राम अकाउंट लॉगिन किया। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने तकनीकी के जरिए चोरी के फोन के आईएमईआई नंबर, सिम कार्ड के पुराने रिकॉर्ड्स और होटल के वाई-फाई के आईपी एड्रेस को आपस में जोड़कर उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस कर ली और उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

पुलिस के अनुसार, राहुल मीणा ने खुद को कानून से बचाने के लिए निजी फोन का उपयोग नहीं किया, लेकिन उसकी एक चोरी के मोबाइल का इस्तेमाल करने की गलती ही उसके गले की फांस बन गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि वह जिस फोन को चला रहा था, उसे राजस्थान के अलवर में छेड़छाड़ की एक घटना के दौरान चुराया गया था। दिलचस्प बात यह है कि अलवर पुलिस को भी बलात्कार के एक मामले के लिए उसकी तलाश कर रही थी। दिल्ली पुलिस ने इस चोरी के हैंडसेट के तकनीकी डेटा और राहुल की हालिया हरकतों पर बारीकी से नजर रखी, जिससे एक ऐसा पुख्ता डिजिटल सुराग मिला जिसने पुलिस को सीधे उसकी लोकेशन तक पहुंचा दिया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

होटल के वाईफाई से जुड़ा था फोन

मोबाइल की लोकेशन मिलने के बाद भी पुलिस ने अपनी जांच के जरिए तकनीकी निगरानी जारी रखी। सर्विलांस के दौरान यह जानकारी सामने आई कि संदिग्ध फोन एक होटल के वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्टेड है, जिससे पुलिस को उसकी मौजूदगी के दायरे को सीमित करने में बड़ी मदद मिली। आरोपी की सटीक स्थिति को प्रमाणित करने के लिए पुलिस ने इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड का सहारा लिया, जिससे फोन की इंटरनेट कनेक्टिविटी और नेटवर्क लॉग्स को ट्रैक करते हुए पुलिस सीधे उस ठिकाने तक जा पहुंची जहां वह छिपा हुआ था।

इंस्टाग्राम चैट से मिली बड़ी सफलता

तीसरा अहम सुराग आरोपी राहुल मीणा की सोशल मीडिया पर एक्टिविटी से मिला। पुलिस ने बताया कि होटल में छिपे रहने के दौरान भी, आरोपी इंस्टाग्राम के जरिए गुरुग्राम में रहने वाले अपने एक भाई के लगातार संपर्क में था। पूछताछ के दौरान, इस रिश्तेदार ने अहम जानकारी दी जिससे आरोपी की जगह की पुष्टि हो गई। इसके बाद पुलिस लोकेशन पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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