
4 साल की बच्ची के रेप-मर्डर केस को SIT करेगी जांच
Supreme Court orders: गाजियाबाद के सिहानीगेट इलाके में 4 साल की बच्ची के साथ हुए रेप और मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी (DGP) को तत्काल SIT (विशेष जांच दल) गठित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ किया है कि इस टीम में तीन वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी शामिल होंगी, जो पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करेंगी।
आपको बता दें कि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर नाराजगी जताई। पीड़ित पक्ष के वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में रेप की धाराएं और पॉक्सो एक्ट (POCSO) नहीं लगाया था। घटना 16 मार्च की है, जबकि एफआईआर (FIR) 17 मार्च को दर्ज की गई। आरोप है कि पुलिस ने मदद करने के बजाय पीड़ित पिता को डराया-धमकाया और मामले को दबाने की कोशिश की।
कोर्ट में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। वकील ने बताया कि जब बच्ची को घटना के बाद निजी अस्पताल ले जाया गया था, तब वह जीवित थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि उस निजी अस्पताल की भूमिका की भी गहराई से जांच की जाए। क्या वहां बच्ची को सही इलाज मिला या लापरवाही बरती गई, इसकी रिपोर्ट भी मांगी गई है।
सिहानीगेट इलाके में रहने वाले एक मजदूर की 4 साल की बेटी को पड़ोस में रहने वाला गौरव प्रजापति (24) टॉफी दिलाने के बहाने ले गया था। घर से महज 300 मीटर दूर एक खाली प्लॉट में उसने मासूम के साथ दरिंदगी की और फिर पत्थर से वार कर उसका चेहरा कुचल दिया। रात 9 बजे बच्ची खून से लथपथ हालत में मिली थी, जिसकी इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी गौरव को गिरफ्तार करने के लिए मुठभेड़ की बात कही थी। पुलिस के मुताबिक, पहले गौरव के दोनों पैरों में गोली लगी थी। अगले दिन जब उसे हथियार बरामदगी (रिकवरी) के लिए ले जाया गया, तो उसने पुलिस पर फायरिंग की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तीन वरिष्ठ महिला अधिकारियों की एक विशेष एसआईटी का गठन किया जाए, जो बिना किसी स्थानीय पुलिसिया दबाव के पूरे मामले की नए सिरे से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करेगी। अदालत ने पीड़िता के परिवार और सभी मुख्य गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ निजी अस्पतालों की भूमिका की भी गहराई से जांच करने को कहा है, ताकि इंसाफ की प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोताही न बरती जा सके।
Updated on:
24 Apr 2026 05:43 pm
Published on:
24 Apr 2026 05:41 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
