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CJP Jantar Mantar Protest : ‘भीड़ ने घेरकर बुरी तरह पीटा’, सीजेपी प्रदर्शन के दौरान घायल हेड कांस्टेबल ने बताई आपबीती

Jantar Mantar Protest : दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार शाम को एक बार फिर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच जमकर झड़प हुई। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल बाबू लाल ने गुरुवार को पूरी आपबीती बताई है।
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Head Constable Babu Lal

दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल बाबू लाल। फोटो -ANI

CJP Jantar Mantar Protest : नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार शाम को एक बार फिर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच जमकर झड़प हुई। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल बाबू लाल ने गुरुवार को पूरी आपबीती बताई है। बाबू लाल ने बताया कि अचानक हजारों की भीड़ आ गई और मुझे कुछ समझ ही नहीं आया। उन्होंने मुझे चारों तरफ से पकड़ लिया और बहुत बुरी तरह पीटा। वहां करीब 3 से 4 हजार लोग मौजूद थे। उनके पास पत्थर, डंडे और चाकू भी थे। वहां कुछ अच्छे लोग भी मौजूद थे। उन्होंने मुझे बचाया।

सिर फोड़ा और हाथ तोड़ा

उन्होंने आगे बताया कि भीड़ के हमले में उनका सिर फट गया और हाथ टूट गया। शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आई हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। उन्होंने आगे बताया कि हमारी ड्यूटी सुबह 8 बजे से ही वहां लगी हुई थी। पूरे दिन भीड़ बनी रही, लेकिन शाम को प्रदर्शनकारी अचानक आक्रामक हो गए। यह पूरी घटना द पार्क होटल के पास हुई, जहां मुझे काफी पीटा गया। पुलिसकर्मी ने बताया कि भीड़ के कुछ अच्छे लड़के भी मौजूद थे, जिन्होंने मुझे उन प्रदर्शनकारियों से बचाया। मैं हमलावरों को नहीं पहचानता हूं।

'मुझे लगा छात्र हैं, लेकिन वे हमलावर निकले'

वहीं, घायल इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह ने बताया कि वह हनुमान मंदिर के पास अपनी बाइक पार्क करके जंतर-मंतर स्थित अपने कार्यालय की ओर पैदल जा रहे थे। टॉल्स्टॉय मार्ग से संसद मार्ग जंक्शन की ओर मुड़ते ही वहां करीब 4-5 हजार लोगों का हुजूम जमा था, जो पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि

मुझे लगा कि वे प्रदर्शनकारी छात्र हैं, इसलिए ड्यूटी के लिए आगे बढ़ता रहा। इसी दौरान कुछ लोग मेरी तरफ भाग आए। मैं वर्दी में था, फिर भी उन्होंने बिना कुछ सोचे-समझे मुझ पर पत्थरों और लाठियों से हमला बोल दिया। किसी तरह गिरते-पड़ते मैंने वहां से निकलकर अपनी जान बचाई।

ACP समेत 5 पुलिसकर्मी हुए थे घायल

जंतर-मंतर पर शाम को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प में दो ACP और दो इंस्पेक्टर समेत 5 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। दरअसल, बुधवार शाम करीब 8:30 बजे जंतर-मंतर पर जमा भीड़ अचानक हिंसक होकर टॉल्स्टॉय मार्ग की तरफ बढ़ने लगी थी। सुरक्षा बलों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकनी शुरू कर दी।

महिला प्रदर्शनकारी की मौत की खबर फर्जी

उधर, जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर एक महिला प्रदर्शनकारी की मौत की खबर तेजी से वायरल होने लगी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक जारी कर इसे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है।

दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट में कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही यह खबर कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है, पूरी तरह गलत है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि संबंधित महिला जीवित हैं और उनका इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस के अनुसार, अस्पताल के डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि महिला की स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि जरूर करें। पुलिस ने कहा कि जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार का मतलब है कि बिना जांचे-परखे किसी भी जानकारी को आगे न बढ़ाया जाए।

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