
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने साउथ ईस्ट दिल्ली के तहखंड में 15 एकड़ की जमीन में 475 करोड़ रुपये की लागत से एक कंपनी के साथ मिलकर स्थापित किया नया वेस्ट टू एनर्जी प्लांट।
दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा जेआईटीएफ अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ मिलकर साउथ ईस्ट दिल्ली के तहखंड में नया वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को स्थापित किया है। इसमें प्लांट व मशीनरी को कंपनी ने लगाया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 475 करोड़ रुपए का खर्च आया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस वेस्ट टू एनर्जी का उद्घाटन किया है। इस अवसर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता, दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी, दिल्ली सरकार के चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार, एमसीडी के स्पेशल ऑफिसर अश्विनी कुमार, कमिश्नर ज्ञानेश भारती और दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम 20 अक्टूबर यानी गुरुवार को आयोजित किया गया।
इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि हम दिल्ली में कचरे के ऐसे ढेर और पहाड़ों को हटाने के लिए कड़े प्रयास कर रहे हैं। पहले लैंडफिल साइटों पर कचरे को संसाधित करने के लिए 6 ट्रोमेल मशीनें काम कर रही थीं। अब 46 मशीनें तीनों लैंडफिल साइटों पर तेजी से काम कर रही हैं। लैंडफिल साइट पर वेस्ट को प्रोसेस करते हुए उसे दोबारा उपयोग में लाने, इनर्ट मटेरियल (निष्क्रिय मिट्टी सामग्री), आरडीएफ (रिन्यूबल एनर्जी का सोर्स) और सीएंडडी वेस्ट उत्पन्न करता है। डीडीए, पीडब्ल्यूडी के काम को भरने के लिए इनर्ट मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है। इस संबंध में नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से भी बातचीत की जा रही है। जिससे वह भी इनर्ट मटेरियल का इस्तेमाल हाईवे के निर्माण में करें। आम लोगों, बिल्डरों से भी इनर्ट मटेरियल सामग्री उठाने में सहयोग करने की अपील की गई है। रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) एक सीमेंट कंपनी द्वारा जुटाया जा रहा है और इसका उपयोग वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में भी किया जा रहा है।
आरडब्ल्यूए जीरो वेस्ट के तहत वेस्ट मैनेजमेंट को दे रही हैं बढ़ावा
एलजी विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि एमसीडी द्वारा सहभागिता पहल के माध्यम से आरडब्ल्यूए को सोर्स पर ही कचरे को अलग करने और संसाधित (सेग्रिगेट) करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। दिल्ली में आरडब्ल्यूए इस कदम से वेस्ट मैनेजमेंट के प्रति जागरूकता फैलाकर इसे बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही पावर प्लांट के लिए और अधिक वेस्ट एनर्जी प्लांट स्थापित करेंगे। उसके बाद दिल्ली से रोजाना निकलने वाले सभी कचरे का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से संभव होगा और दिल्ली कचरा मुक्त होगी। उल्लेखनीय है कि आरडीएफ घरेलू और व्यावसायिक कचरे से उत्पन्न होता है। जिसमें बायोडिग्रेडेबल सामग्री के साथ-साथ प्लास्टिक भी शामिल होता है। इस प्रक्रिया के तहत कांच व धातु जैसे न जलने वाली सामग्री को हटा दिया जाता है और फिर बाकी सामग्री को काट दिया जाता है।
बवाना में प्रस्तावित है नया वेस्ट टू एनर्जी प्लांट
दिल्ली के तहखंड में स्थापित नए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के बारे में जानकारी देते हुए एमसीडी के स्पेशल ऑफिसर अश्विनी कुमार ने बताया कि यह प्लांट 15 एकड़ जमीन पर बना है, जिसकी क्षमता को बढ़ाया भी जा सकता है। बवाना में 3 हजार मीट्रिक टन क्षमता का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट भी प्रस्तावित है। जिसके बाद हम दिल्ली में सभी कचरे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस कर पाएंगे। एमसीडी गाजीपुर, बवाना में भी और प्लांट लगाएगी। जिससे शहर के कचरे का परिवहन खर्च भी कम हो सके।
Published on:
21 Oct 2022 03:20 am
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