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पुलिसकर्मियों ने एक व्‍यक्ति का अपहरण कर मांगी फिरौती, दिल्‍ली पुलिस ने ही बचाया

दो पुलिसकर्मियों ने अपने खबरियों के साथ मिलकर एक युवक का अपहरण कर उनसे मांगी फिरौती।
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नई दिल्ली

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Mazkoor Alam

•

Updated: 29 Jul 2018, 9:00 PM IST

फिरौती

पुलिसकर्मियों एक व्‍यक्ति का अपहरण कर मांगी फिरौती, दिल्‍ली पुलिस ने ही बचाया

नई दिल्‍ली : दिल्ली पुलिस के एक हवलदार व सिपाही ने मिलकर एक ऐसी शर्मनाक करतूत को अंजाम दिया कि पूरे दिल्‍ली पुलिस की बदनामी हो रही है। मामला न्यू उस्मानपुर थाने का है। उस थाने में तैनात एक हवलदार और एक पुलिस ने अपने तीन खबरी की मदद से नंदनगरी के एक युवक का अपहरण कर लिया और उसके परिवार से रकम की मांग की। उन्‍होंने उस युवक को एक कमरे में बंद कर दिया और उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की भी धमकी दी।

पीड़ित परिवार ने नंदनगरी थाने में लिखाई रपट
पीड़ित परिवार को लगा कि कोई पुलिस के नाम पर उन्‍हें धमका कर पैसे ऐंठना चाहता है। इसलिए उन्‍होंने इसकी रपट नंदनगरी थाने में दर्ज कराई। जब मामले की छानबीन हुई तो पता चला कि इस अपहरण में दिल्‍ली पुलिस के ही दो लोग शामिल हैं। इसके बाद आला अफसरों ने उन पर सख्‍त कार्रवाई करे हुए हवलदार जितेंद्र दत्त शर्मा व सिपाही मोहित मलिक और इनके साथी अतहर हसन, इश्तिकार व विजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों पुलिसकर्मियों को किया नौकरी से बर्खास्‍त
इसके बाद तत्‍काल प्रभाव से दोनों पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। इस मामले में न्यू उस्मानपुर थाना प्रभारी और ड्यूटी ऑफिसर की भूमिका को भी संदिग्ध मानकर उनके खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसकी जानकारी जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने दी। उन्‍होंने बताया ि‍ सूचना मिलते ही चंद घंटों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर को भी बरामद कर लिया गया है।

ये है पूरा मामला
पुलिस ने बताया कि 33 साल का शिवा हर्ष विहार इलाके में रहता है। वह नंदनगरी इलाके में वह एक ज्वेलरी शॉप में काम करता है। जब वह गुरुवार की शाम अपनी ड्यूटी के बाद घर जाने के लिए दुकान से निकला ही था कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसे जबरन कार में डालकर ले गए और एक कमरे में बंद कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद पीड़ित के एक परिचित के पास फोन आया कि उन लोगों ने शिवा का अपहरण किया है और उसे तभी छोड़ेंगे, जब उन्‍हें फिरौती की रकम एक लाख रुपए मिलेंगे। अगर रुपए नहीं मिले तो अंजाम बहुत बुरा होगा।

घबराया पीड़ित परिवार नंदनगरी पुलिस के पास पहुंचा
इसके बाद घबराए पीड़ित परिवार ने इसकी सूचना नंदनगरी थाने को दी। पुलिस ने अपहरण का मामला मानकर इसकी जांच शुरू कर दी। इसके बाद पीड़ित परिवार से पुलिस ने कहा कि वह रकम लेकर बुलाए स्‍थान पर जाए। इसके बाद पीड़ित परिवार अपहरणकर्ताओं के बुलाए स्‍थान शास्त्री पार्क पहुंचा। उनके पीछे-पीछे नंदनगरी की पुलिस टीम भी लगी रही। इसके बाद रकम लेते खबरियों को पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ लिया। उनसे पता चला कि इस अपहरण कांड में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।