9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

इंदौर त्रासदी के बाद दिल्ली जल बोर्ड में खलबली, मंत्री ने जारी की चेकलिस्ट तो CEO ने दे डाली चेतावनी

Delhi Jal Board: दिल्ली जलमंत्री प्रवेश वर्मा ने पेयजल की गुणवत्ता को लेकर स्पष्ट चेकलिस्ट जारी की है। इसके बाद जल बोर्ड के सीईओ ने सभी कर्मचारियों को चेतावनी जारी करते हुए लापरवाही न करने की सलाह दी है।

4 min read
Google source verification
delhi water supply minister checklist CEO issues warning Delhi Jal Board in turmoil after Indore tragedy

मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से लगभग दो दर्जन मौतों के बाद दिल्ली में पानी की जांच तेज।

Delhi Jal Board: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई से लगभग 20 मौतों का असर दिल्ली तक दिखने लगा है। दिल्ली के जलमंत्री प्रवेश वर्मा ने जल बोर्ड को पानी की जांच के लिए चेकलिस्ट जारी की है। इसपर जलबोर्ड के सीईओ ने कर्मचारियों को सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है। इस दौरान जल बोर्ड (DJB) ने अगले दो दिनों तक कुछ इलाकों में पानी नहीं आने की सूचना भी जारी की है। दरअसल, मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई से हुई मौतों ने दिल्ली सरकार के कान खड़े कर ‌दिए हैं। दिल्ली सरकार ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए दिल्ली जल बोर्ड को ऐसे सभी संवेदनशील इलाकों में पानी की जांच और निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए हैं, जहां दूषित पानी सप्लाई की थोड़ी सी भी संभावना नजर आ रही हो।

दिल्ली के जलमंत्री ने चेकलिस्ट जारी की

इसके लिए दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार में जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बाकायदा दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के लिए एक चेकलिस्ट जारी की है। इसके अलावा जलमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सीवर लाइनों के पास से गुजर रही पेयजल लाइनों की बारीकी से जांच की जाए। इस दौरान पानी की गुणवत्ता चेक करने समेत खराब और पुरानी पाइपलाइनों की भी पहचान की जाए। साथ ही सिस्टम को पहले से बेहतर बनाने के लिए सभी कदम उठाए जाएं। जिन इलाकों में पेयजल लाइन खराब होने की शिकायतें मिल रही हैं, वहां प्राथमिकता के साथ पेयजल लाइन ठीक कराई जाए। मंत्री ने इस मामले में लापरवाही होने पर स्पष्ट कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

जलबोर्ड के सीईओ ने जारी की सख्त चेतावनी

एक ओर जहां दिल्ली के जल मंत्री ने चेकलिस्ट जारी कर पानी की गुणवत्ता और बेहतर प्रबंधन का आदेश दिया है। वहीं दूसरी ओर दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कौशल राज शर्मा ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने चेतावनी में कहा कि मंत्री के आदेशों के पालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इंदौर जैसी घटना न हो, इसके लिए पानी की सैंपलिंग में ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। जिन इलाकों में ज्यादा समस्या है, वहां की सैंपलिंग के लिए किराए पर ज्यादा गाड़ियां ली जा सकती हैं।

30 सुपर सिकर और 16 रिसाइकिल मशीनें लगेंगी

दिल्ली जल बोर्ड के (DJB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कौशल राज शर्मा ने सभी डिवीजनों को आदेश जारी किया है कि पानी से जुड़ी समस्या पर तुरंत एक्‍शन लिया जाए। हर हाल में समस्या को दो दिनों के अंदर सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सीवर लाइन के चलते प्रदूषण की समस्या है, वहां 30 सुपर-सिकर और 16 रिसाइकलर मशीनें लगाई जाएं। दूषित पानी की समस्या और समाधान का डेटा रोजाना एकत्रित किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जल बोर्ड में एक अलग 'सेल' बनाने की बात भी कही गई है। दरअसल, जनवरी की शुरुआत में इंदौर के भागीरथपुरा में सीवर का पानी पीने से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई थी। यह आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

इन इलाकों में नहीं आएगा पानी

दिल्ली जलबोर्ड की सूचना में भूमिगत जलाशयों (UGR) और बूस्टर पंपिंग स्टेशनों की सफाई (फ्लशिंग) के चलते पानी सप्लाई बाधित होने की बात कही गई है। इसके तहत 9 जनवरी (शुक्रवार) को राजधानी के कई इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित रहेगी। इस दौरान हिंदू राव अस्पताल, सिविल लाइन्स क्षेत्र, सेंट स्टीफन अस्पताल, पुरानी दिल्ली के इलाके जैसे नया बांस, चांदनी चौक, लाहोरी गेट, पीली कोठी, कश्मीरी गेट, मोरी गेट, साथ ही नया बाजार बूस्टर पंपिंग स्टेशन, तीरथ राम अस्पताल, राजपुर रोड, बंगला रोड और सराय फूस में दिक्कत हो सकती है।

दिल्ली में कहां हैं सिस्टम की कमजोर कड़ियां?

दरअसल, दिल्ली जल बोर्ड शहर में 9 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट चलाता है। इसके अलावा दिल्ली में 123 भूमिगत जलाशयों (UGRs) और करीब 15,600 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए डेली लगभग 1,000 मिलियन गैलन (MGD) पानी की आपूर्ति की जाती है। दिल्ली जल बोर्ड के आकलन के अनुसार, कुल पाइपलाइन नेटवर्क का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा (करीब 2,800 किलोमीटर) 30 साल से भी ज्यादा पुराना है। इसे तुरंत बदलने की जरूरत है, क्योंकि पुरानी पाइपों में दरारें और लीकेज का खतरा ज्यादा रहता है, जिससे पानी के दूषित होने की आशंका बढ़ जाती है।

दिल्ली में पहले फेल हो चुके हैं पानी के नमूने

दिल्ली जल बोर्ड द्वारा दिसंबर 2025 में जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों से पानी के 7,129 नमूने लिए गए। इसमें से 100 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। चिंता की बात यह है कि इनमें से कुछ खराब नमूने सीधे भूमिगत जलाशयों और बूस्टर पंपिंग स्टेशनों से लिए गए थे। दिल्ली में पानी की गुणवत्ता जांच व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। दिल्ली जल बोर्ड की 25 जल गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाओं के पास NABL की मान्यता नहीं है, जिससे जांच की विश्वसनीयता पर संदेह होता है। दिल्ली सरकार का कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को अपने पूरे जल आपूर्ति तंत्र की गहन जांच करनी चाहिए। ताकि उन स्थानों की पहचान हो सके जहां से गंदा पानी या बाहरी प्रदूषण पीने के पानी में मिल रहा है। इसके लिए सरकार ने निर्देश दिया है कि घनी आबादी वाले इलाकों में 24 घंटे निगरानी रखी जाए और ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचने वाले पानी की टेस्टिंग और मॉनिटरिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।