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Delhi: डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने की रोजगार बजट के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा बैठक, दिल्ली में इंडस्ट्री व रोजगार की ग्रोथ पर कही ये बड़ी बात

दिल्ली सरकार की तरफ से रोजगार बजट में शामिल परियोजनाओं के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। इस दिशा में डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को उद्योग विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। इन प्रोजेक्ट्स में दिल्ली सरकार की क्लाउड किचन पॉलिसी, नॉन-कन्फर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया का पुनर्विकास, कन्फर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया का पुनर्विकास , इलेक्ट्रॉनिक सिटी, दिल्ली बाजार पोर्टल का विकास और स्टार्टअप पॉलिसी शामिल हैं।

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Delhi: डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने की रोजगार बजट के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा, दिल्ली में इंडस्ट्री व रोजगार की ग्रोथ पर कही ये बड़ी बात

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने की रोजगार बजट की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक।

रोजगार बजट के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा बैठक के इस अवसर पर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार का मुख्य उद्देश्य रोजगार सृजन की संभावना वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता पर लागू करना है। दिल्ली सरकार के अन्तर्गत सभी विभाग इसे सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि रोजगार बजट में, दिल्ली सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं की घोषणा की थी, जो अर्थव्यवस्था के विकास को बढ़ावा दे सकती हैं और अगले पांच वर्षों में लाखों नौकरियां पैदा कर सकती हैं। इस दिशा में डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन ऑफ दिल्ली (डीडीसी) और अन्य विभागों द्वारा नीतियों और योजनाओं के निर्माण के दौरान लगातार विभिन्न स्टेकहोल्डर से बातचीत की जा रही हैं, जिससे राजधानी भर के व्यवसायों को लाभ होगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार की स्टार्टअप पॉलिसी पूरी होने के करीब है। इससे दिल्ली में अपना स्टार्टअप शुरू करने की इच्छा रखने वाले हजारों युवाओं को मिलेगा प्रोत्साहन।

2030 तक हजारों स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना है पॉलिसी का उद्देश्य

दिल्ली सरकार के अनुसार सरकार की स्टार्टअप पॉलिसी का उद्देश्य इनोवेशन के साथ एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जो विभिन्न स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने में मदद करे। यह पॉलिसी उन युवाओं को प्रोत्साहन देगा जो दिल्ली में अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। पॉलिसी का उद्देश्य 2030 तक हजारों स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित, सुविधा और समर्थन देना है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में लगभग 25 नॉन-कन्फ़र्मिंग औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्विकास करना है, जिसमें इस क्षेत्र में हजारों रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता है। इस परियोजना के तहत इन क्षेत्रों को हरित, स्वच्छ और टिकाऊ बनाने के उपाय किए जाएंगे। सरकार क्षेत्र में बुनियादी सेवाओं और बुनियादी ढांचे को प्रभावी ढंग से जुटाने के लिए डेवलपर्स के साथ भी काम करेगी।

इलेक्ट्रॉनिक सिटी को किया जा रहा डेवलप

दिल्ली सरकार के अनुसार दिल्ली की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में लोगों के लिए अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए, दिल्ली सरकार दक्षिण पश्चिम दिल्ली के बापरोला में इलेक्ट्रॉनिक सिटी विकसित करने के लिए तैयार है। उद्योगों को दिल्ली में अपना व्यवसाय स्थापित करने में सुविधा प्रदान करने के लिए जल्द ही एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन, विनिर्माण पॉलिसी भी तैयार की जाएगी। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दिल्ली को हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स और रीफर्बिश्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट के हब के रूप में विकसित करने के लिए और संभावनाएं तलाशें। साथ ही उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन परियोजनाओं में लंबित औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए ताकि उन्हें समय पर लागू किया जा सके।