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संवाद और सहयोग से भारत और रूस के संसदीय संबंध और प्रगाढ़ होंगे: बिरला

नई दिल्ली। रशियन फेडेरेशन की फेडरल एसेम्बली की फेडेरेशन काउंसिल के फस्र्ट डेप्युटी स्पीकर व्लादिमिर याकुशेव के नेतृत्व में भारत यात्रा पर आए रूस के संसदीय शिष्टमंडल ने संसद भवन में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला से भेंट की। बिरला ने याकुशेव को फेडरेशन काउंसिल के संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में उनके […]

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नई दिल्ली। रशियन फेडेरेशन की फेडरल एसेम्बली की फेडेरेशन काउंसिल के फस्र्ट डेप्युटी स्पीकर व्लादिमिर याकुशेव के नेतृत्व में भारत यात्रा पर आए रूस के संसदीय शिष्टमंडल ने संसद भवन में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला से भेंट की। बिरला ने याकुशेव को फेडरेशन काउंसिल के संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में उनके चुनाव पर बधाई दी। उन्होंने उल्लेख किया कि यह चुनाव भारत के साथ संसदीय सहयोग बढ़ाने के प्रति रूस की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

बिरला ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी परस्पर विश्वास पर आधारित है और समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के बाद से, रूस इसके सबसे करीबी और विश्वसनीय भागीदारों में से एक रहा है। दोनों देशों के लोगों के बीच मित्रता और सहयोग पूरे विश्व के लिए एक उदाहरण है। बिरला ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच निरंतर संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संवादों से द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए हैं और सहयोग के नए मार्ग खुले हैं। याकुशेव ने कहा कि भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी रूस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भविष्य में सहयोग की संभावना

बिरला ने चर्चा के दौरान रक्षा, व्यापार और आर्थिक सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर भी प्रकाश डाला गया। अंतरिक्ष अनुसंधान, आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) और स्वच्छ ऊर्जा की पहचान उभरते क्षेत्रों के रूप में की गई जिनमें भविष्य के सहयोग की संभावना है।